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आरती भाभी की हवस

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ. यह मेरी लाइफ की एक सच्ची घटना है. में इसमें आप सभी बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोस में रहने वाली भाभी की चूत को चोदकर शांत किया और चुदाई के मज़े लिए. अब में आप सभी का ज़्यादा वक़्त ना लेते हुए सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ. दोस्तों में मेरठ का रहने वाला हूँ. लेकिन कुछ सालों से दिल्ली में एक कमरा किराए से लेकर रहता हूँ और में जिस मकान में रहता हूँ वहां पर एक भैया और भाभी भी उनके एक 8 साल के लड़के और उनकी सास और ससुर के साथ रहते है. मेरा कमरा ऊपर की तरफ है और भैया और भाभी नीचे की मंजिल पर रहते है.
दोस्तों यह कहानी आज से तीन महीने पहले की है. आरती भाभी मुझे बहुत ही सेक्सी लगती है और वो मुझे क्या सभी देखने वालो को एकदम हॉट, सेक्सी पटाखा लगती है. वो दिखने में ऐसी है कि उसे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. उनके बड़े बड़े बूब्स, और बाहर की तरफ उभरी हुई गांड, हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करती है.
वो जब भी मटककर चलती है तो उनकी गांड और भी कहर ढाने लगती है. में उनको सफाई करते समय छुपकर देखता हूँ तो उनके बड़े बड़े बूब्स बाहर की तरफ झूलने लगते है, जिन्हें देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो जाता और मेरी इच्छा करती कि अभी उनके बूब्स को पकड़ लूँ और ज़ोर ज़ोर से दबाकर उनका सारा दूध पी जाऊँ. लेकिन में बहुत डरता था इसलिए बस दूर से उन्हें देखता रहता था और शायद मेरी इस हरकत के बारे में उन्हे भी थोड़ा बहुत अंदाजा था. लेकिन फिर भी वो मुझसे कभी भी कुछ भी नहीं कहती बस मुझे एक शरारती सी मुस्कान देकर टाल दिया करती और में अब उनकी इस बात का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की कोशिश किया करता, कभी उन्हे छूने की कोशिश करता तो कभी हवस भरी नजरों से उनको घूरकर देखता. लेकिन फिर भी उनकी सभी आदत बहुत ही अच्छी थी.
में उनसे और वो मुझसे बहुत खुश थी और में कभी कभी उनको देखने के बहाने से उनके लड़के के साथ खेला भी करता था. लेकिन मेरा पूरा ध्यान उनके जिस्म पर ही रहता था. उनकी वो पतली कमर और उस पर वो एक गहरी सी नाभि, गोरा बदन, बड़ा ही सुंदर जिस्म था उनका और में तो बस उनका दीवाना था.
फिर एक दिन भैया और उनकी मम्मी और पापा को किसी रिश्तेदार की शादी के लिए बाहर जाना था और वो अपने साथ में उस छोटे बच्चे को भी ले गये और अब घर पर में और आरती भाभी ही थे. तो आरती भाभी ने मुझे बोला कि राज आज तुम खाना यहीं पर खा लेना, में घर पर अकेली हूँ तो में तुम्हारा भी खाना तैयार कर लूंगी और हम साथ में बैठकर खा लेंगे. तो मैंने कहा कि ठीक है उस समय मेरे दिमाग में भाभी के लिए कुछ ज्यादा गलत विचार नहीं थे, इसलिए मैंने उन्हे बिना कुछ सोचे समझे हाँ कह दिया. फिर जब खाना तैयार हुआ और खाने का समय हुआ तो आरती भाभी ने मुझे आवाज़ लगाई कि राज आ जाओ खाना खा लो.
मैंने कहा कि हाँ भाभी में अभी आता हूँ और जब में नीचे की तरफ गया तो मैंने देखा कि दरवाजा खुला हुआ था और भाभी ने मेरे लिए पहले से ही खाना लगा दिया था. तो उन्होंने मुझे देखा और कहा कि अब जल्दी से नीचे बैठ जाओ, मुझे बहुत भूख लगी है और में उनको आखों में आखें डालकर देखने लगा. लेकिन उन्होंने भी अपनी नजरे नीचे नहीं की. दोस्तों मुझे आज उनकी नजरों में एक अजीब सा कुछ महसूस हुआ, शायद वो आज मुझसे कुछ चाहती थी, लेकिन कहने से डरती थी, शायद नजरों से कह रही थी और फिर में नीचे बैठ गया. तो खाना खाते समय मेरा ध्यान भाभी के बूब्स पर था और उनका मेरे ऊपर और फिर भाभी ने मुझसे कहा कि राज मुझे रात में अकेले सोने से बहुत डर लगता है, तो क्या आज रात तुम मेरे साथ सो सकते हो, प्लीज?
मैंने कहा कि ठीक है और मेरे मुहं से हाँ सुनकर वो बहुत खुश हुई और उनका चेहरा एकदम खिल उठा, उन्होंने जल्दी से अपना खाना खत्म किया और सभी बर्तन को उठाकर किचन में ले जाने लगी. जिसकी वजह से मुझे उनके बड़े बड़े बूब्स बहुत पास से एकदम साफ साफ नजर आ रहे थे. लेकिन वो और भी ज्यादा झुककर मुझे अपने बूब्स दिखाने लगी और में देखने लगा.
फिर कुछ देर खाना खाने के बाद, में अपने कपड़े चेंज करने अपने रूम में चला गया और जब में वापस आया तो मैंने देखा कि भाभी की आखों में एक अजब सी चमक थी और अब तक भाभी भी अपने कपड़े चेंज कर चुकी थी. उन्होंने एक सफेद कलर की जालीदार मेक्सी पहन रखी थी. जिसमें से उनकी ब्रा के साथ साथ उनके बूब्स भी साफ साफ दिखाई दे रहे थे. में उनको इस रूप में देखकर बिल्कुल पागल हो गया और में उनके बूब्स को और उनके पूरे जिस्म को घूर घूरकर देखने लगा, शायद वो मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए यह सब कर रही थी और फिर हम उनके रूम में चले गये.
वो कहने लगी कि तुम मेरे बेड पर ही लेट जाओ सर्दी का मौसम है. तो मैंने कहा कि ठीक है और मुझे लगा कि आज भाभी का इरादा कुछ सही नहीं लग रहा है. उसके बाद हम फिल्म देखने लगे ज़ी सिनेमा पर गंगा जमुना सरस्वती फिल्म चल रही थी और कुछ देर देखने के बाद उसमे एक सीन आ जाता है जब वो बर्फ में डूब जाता है और लड़की उसके साथ सेक्स करती है. तभी भाभी उसे देखकर बोली कि क्या कभी ऐसा भी हो सकता है? तो मैंने कहा कि हाँ, क्यों नहीं हो सकता?
फिर हम कुछ देर और फिल्म देखकर टीवी बंद करके सो गये और फिर रात में बहुत तेज बारिश होने लगी और कुछ देर बाद मुझे सर्दी लगने लगी और वही हाल भाभी का भी था. उन्हे भी सर्दी की वजह से नींद नहीं आ रही थी, क्योंकि में सिर्फ़ एक कम्बल में अकेला था और भाभी दूसरे कम्बल में थी.
तो भाभी मुझसे बोली कि राज हम दोनों यह कम्बल एक साथ जोड़ लेते है और फिर शायद ऐसा करने से हम दोनों को सर्दी थोड़ी कम लगेगी. तो मैंने कहा कि ठीक है और अब मौसम ऐसा हो गया था कि में भी सोच रहा था कि कैसे भाभी से किसी ना किसी बहाने से चिपक जाऊँ और अब हमने दोनों कम्बल जोड़ लिए और एक दूसरे से बिल्कुल सटकर लेट गये और कुछ देर के बाद मैंने भाभी की तरफ़ अपना मुहं घुमाया. लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और में बस अब किसी भी तरह भाभी को चोदना चाहता था. तो मैंने अपनी दोनों आँखे बंद करके सोने का नाटक किया और अपना एक हाथ भाभी के बूब्स के ऊपर रख दिया.
मेरे पूरे शरीर में एक मस्त अहसास आने लगा. लेकिन कुछ देर के बाद भाभी ने मेरा हाथ हटा दिया. तो मैंने थोड़ी ही देर के बाद मौका देखकर फिर से अपना हाथ उनके बड़े बड़े बूब्स के ऊपर रख दिया. लेकिन अब की बार वो कुछ भी नहीं बोली. तो मैंने धीरे धीरे से उनके मुलायम बूब्स को सहलाया, दबाया. लेकिन वो अब भी कुछ भी नहीं बोली और फिर मेरी हिम्मत कुछ और बढ़ी, मैंने फिर धीरे से दबाया. लेकिन फिर भी वो कुछ नहीं बोली और में दबाता गया.
5 मिनट के बाद भाभी के मुहं से सिसकियों की आवाज़ आने लगी आईईईईईइ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ और वो मुझसे कहने लगी कि राज तुम यह क्या कर रहे हो? तो में कुछ नहीं बोला और बूब्स को लगातार दबाता ही गया. जिसकी वजह से वो अब गरम होकर जोश में आने लगी और अब भाभी मुझे किस करने लगी और वो भूखी लोमड़ी की तरह मेरे शरीर पर किस करने लगी और फिर भाभी धीरे से बोली कि आज में बहुत दिन के बाद सेक्स कर रही हूँ राज, प्लीज मुझे रोकना मत.
मैंने पूछा कि क्यों भैया रात में क्या करते है? वो बोली कि में जब तक गरम होती हूँ तब तक वो झड़कर सो जाते है, उनका लंड मुरझाकर छोटा हो जाता है और में अपनी प्यासी चूत को सहलाती हुई उंगलियाँ करती हुई कब सो जाती हूँ मुझे पता ही नहीं चलता. लेकिन में आज तुमसे अपनी प्यासी चूत को शांत जरुर करवाऊंगी और अब उन्होंने बातों ही बातों में मेरी केफ्री को उतार दिया और मेरी टी-शर्ट को भी उतार दिया और बोली कि मेरे राजा अब तुम मेरे कपड़े उतारो. तो मैंने उनके कपड़े उतारे और देखा कि वो सिर्फ़ मेक्सी पहने हुई थी उन्होंने मेरा 8 इंच लंबा लंड देखा और वो कुछ देर तक उसे देखती ही रही और फिर नीचे बैठकर उसको हाथ लगाकर छूने लगी और कुछ देर बाद उसे हाथ में लेकर सहलाने लगी और फिर एकदम से उसे मुहं में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चाटने लगी.
वो पूरे जोश में आकर लंड को अपने मुहं में अंदर बाहर कर रही थी और उसे चूस रही थी और फिर कुछ देर चूसने के बाद उसने मुझसे बोला कि राज तुम प्लीज मेरी चूत को चाटो ना और अब हम 69 पोज़िशन में थे.
फिर जब मैंने धीरे से अपनी जीभ को उनकी गरम, जोश से भरपूर चूत में डाली, तभी उनके मुहं से एक ज़ोर की आवाज़ निकली अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आऐईईईईईई राज और फिर मैंने लंड को उनके मुहं में डाल दिया, जिसकी वजह से उनकी आवाज अंदर ही अटक गई और अब में उनकी गीली चूत को चाट रहा था और वो मेरा लोहे जैसा लंड चूस रही थी.
करीब 15 मिनट के बाद हम दोनों एक एक करके झड़ गये. मैंने उनकी चूत का रस पिया और उन्होंने मेरे लंड का गरम गरम लावा अपनी जीभ से चाटकर साफ किया. तो कुछ देर के बाद में उनके ऊपर सीधा लेटकर उनके एक एक बूब्स को दबाता रहा. तो वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेकर कुछ ही देर में फिर से गरम हो गई और मेरा लंड भी अपने सही आकार में आकर उनकी चूत को चोदने के लिए तनकर तैयार खड़ा था. तो मैंने जैसे ही उनकी चूत के मुहं पर अपना लंड लगाया तो वो जोश में आकर बोली कि हाँ आज इसे इसके अंदर पूरा डाल दो राज, मेरे राजा आज मैंने पहली बार इतना लंबा लंड देखा है. प्लीज, इससे मेरी चूत की आग को ठंडा कर दो राज, मेरी चूत अब तुम्हारे लंड के लिए तड़प रही है, इसे और मत तड़पाओ.
तो में उनकी जोश से भरी बातें सुनकर पागल हो गया और मैंने उसकी चूत पर लंड को एक ही जोरदार धक्का दिया और पूरा अंदर डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और में अपने एक हाथ से उनके बूब्स को दबाता गया और अब वो सिसकियाँ ले रही थी हहआहहहाहाहहाहह अहहहहाहहहहः हाँ और ज़ोर से चोदते रहो राज, और ज़ोर से चोदो, हाँ अह्ह्ह्हह राहुल आज मेरी चूत को अच्छी तरह से चोदो, मिटा दो अह्ह्ह इसकी खुजली, प्लीज आईईईईईई ऊउईईईईईई माँ में मर गई हाँ राज और ज़ोर से.
दोस्तों में लगातार 25 मिनट तक उसे ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदता रहा और उसके बाद में उसकी चूत में झड़ गया और फिर शायद वो भी झड़ गई. में उसके ऊपर लेट गया और वो एकदम ठंडी, शांत होकर पड़ गई. लेकिन कुछ देर बाद वो फिर से मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी और मेरे लंड को फिर से चुदाई के लिए खड़ा कर दिया. दोस्तों हमने उस पूरी रात कुछ कुछ घंटो के आराम के बाद सेक्स किया और उस रात मैंने अपनी लाईफ में पहली बार 5 बार सेक्स किया और अब हमे जब भैया ऑफिस चले जाते है या घर के सब लोग एक साथ बाहर चले जाते है, तब वो मेरे रूम में सही मौका देखकर आ जाती है और हम सेक्स करते है.

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