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Showing posts from May, 2022

बाथरूम मे सुहागरात मना ली

मेरी सहेली मेरे घर पर आई हुई थी वह मुझसे काफी समय बाद मिल रही थी अब वह अपने परिवार के साथ कोलकाता में ही सेटल हो चुकी हैं उसके पिताजी ने कोलकाता में ही अपना बिजनेस शुरू किया और उसके बाद वह लोग कोलकाता चले गए। मेरी सहेली कुछ दिनों के लिए हमारे घर लखनऊ आई हुई थी लखनऊ से उसकी काफी यादें जुड़ी हुई हैं, मेरी सहेली का नाम रितिका है। रितिका और मैं आपस में बात कर रहे थे तो रितिका ने कुछ पुरानी यादें ताजा कर दी हम दोनों एक दूसरे से बात करने लगे और कहने लगी कि जब पहली बार हम लोगों की आपस में मुलाकात हुई थी तो हमें कितना अच्छा लगा था। जब पहले दिन मैं अपने स्कूल में गई तो स्कूल के पहले दिन ही मेरी रितिका से मुलाकात हो गयी थी और उससे मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई उसके बाद हम दोनों ने कॉलेज साथ में किया। कुछ समय पहले ही उसका परिवार कोलकाता चला गया लेकिन वह मुझसे मिलने के लिए लखनऊ आई हुई थी हम दोनों ने साथ में काफी दिन बिताए। रितिका ने मुझे बताया कि कोलकाता में उसके पड़ोस में ही अमन रहता है जिसे कि वह काफी पसंद करने लगी है अमन और उसके बीच अच्छी दोस्ती है। जब रितिका ने मुझे अमन की तस्वीर दिखाई तो मैंने...

घास मे चूत चुदाई

सुरेश मुझे कहने लगा यहां का मौसम कितना सुहावना है मैंने सुरेश को कहा यहां पर काफी ठंड हो रही है। हम लोग ठंड के समय में मनाली चले गए थे और उस वक्त काफी ज्यादा ठंड हो रही थी कुछ दिनों के लिए हम लोग मनाली अपने परिवार के साथ घूमने के लिए गए हुए थे। सुरेश और मैं सुबह उठकर चाय का मजा ले रहे थे सर्दियों में गर्म चाय का मजा ही कुछ और है हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तो सुरेश मुझे कहने लगा कि मैं सोच रहा हूं कि नया घर ले लूं। मैंने सुरेश को कहा क्या तुम अपना पुराना घर बेचने वाले हो तो सुरेश कहने लगा हां गोविंद मैं अपना घर बेचने के बारे में सोच रहा हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे अब उस घर को बेच देना चाहिए। मैंने सुरेश को कहा थे जैसा ठीक लगता है तुम वैसा करो, हम दोनों आपस में एक दूसरे से अपनी कुछ पुरानी बातें भी कर रहे थे तभी मेरी पत्नी आकर हम लोगों के साथ बैठ गई और कहने लगी कि आप लोगों की क्या बातें चल रही हैं। उस वक्त धूप भी अच्छे से नहीं आई थी लेकिन धीरे-धीरे अब धूप भी आने लगी थी और शरीर में थोड़ी सी गर्माहट आने लगी थी। मेरी पत्नी हमारे साथ बैठ कर बात कर रही थी सुरेश मुझे कहने लगा आज का क्य...

जन्मदिन खास बना दिया

कुछ समय से मैं घर पर ही था मैंने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया था क्योंकि ऑफिस में मेरी किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी जिस वजह से मैंने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया था। मेरे पास अभिषेक आया अभिषेक मुझे कहने लगा कि रजत क्या तुमने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया है तो मैंने उसे बताया कि हां मैंने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया है। मैंने अभिषेक को पूछा लेकिन यह बात तुम्हें किसने बताई तो अभिषेक ने मुझे कहा कि मुझे यह बात सुहानी ने बताई थी मैंने अभिषेक से कहा अच्छा तो तुम्हें यह सब सुहानी ने बताया है उसने मुझे कहा हां मुझे आज ही इस बारे में सुहानी ने बताया था। मैंने अभिषेक से कहा कि हो सके तो तुम मेरे लिए कहीं जॉब देखने की कोशिश करना वह मुझे कहने लगा कि ठीक है रजत यदि हमारे ऑफिस में वैकेंसी हुई तो मैं तुम्हें जरूर बताऊंगा। कुछ समय मैं घर पर ही रहना चाहता था पापा की भी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैं पापा के साथ ही उनकी देखभाल कर रहा था मां भी बीमार रहती हैं और उन्हें भी डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा है। पापा जब से रिटायर हुए हैं उसके बाद से उनकी तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब रहने लगी है और घर में उनकी देखभाल ...

मै हर रोज भाभी को नए नए पोज मे चोदता

मां मेरे कमरे में आई उस वक्त मैं कुर्सी पर बैठा हुआ था मां मेरे सामने आकर बैठी और कहने लगी कि ललित बेटा क्या तुम कल तुम्हारे भैया से मिल आओगे। मैंने मां से कहा कि मां कल तो मुझे समय नहीं मिल पाएगा लेकिन परसों मैं भैया से मिला लूंगा मां कहने लगी कि बेटा मैंने नमकीन बनाई थी तो मैं सोच रही थी तुम माधव को दे आते मैंने मां से कहा ठीक है मां मैं परसों चला जाऊंगा। भैया अब अलग रहते हैं उनकी शादी के बाद भाभी के कहने पर वह अलग चले गए थे मां को नमकीन बनाने का बड़ा शौक है मां के हाथ की नमकीन बड़ी स्वादिष्ट होती हैं। मैंने मां से कह दिया था तो मां कहने लगी कि बेटा तुम जरूर माधव के लिए नमकीन लेकर चले जाना मैंने मां से कहा ठीक है। मां भी वहां से चली गई अगले दिन मैं अपने ऑफिस सुबह जल्दी ही चला गया था मैं समय पर अपने ऑफिस पहुंच गया था। हमारे ऑफिस में काम करने वाला सिक्योरिटी गार्ड उस दिन बहुत ही ज्यादा परेशान था उसका नाम राजू है मैंने उससे पूछा की तुम क्यों परेशान हो तो वह मुझे कहने लगा कि साहब कल मुझे अपने बच्चे की फीस भरनी है और मुझे अभी तक तनख्वाह नहीं मिली है। मैंने उसे कहा कि तुम्हें कितने पैसों क...

नौकरानी रखैल बन गई मेरी

कुछ दिनों से मेरी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी तो मैंने अपनी पत्नी मधु को कहा कि क्या हम लोग किसी को घर पर काम के लिए रख ले। मधु चाहती ही नहीं थी कि हम लोग किसी को घर पर काम के लिए रखें क्योंकि मधु मुझे कहने लगी कि मैं काम संभाल लूंगी लेकिन मधु की तबीयत ठीक नहीं थी और मधु को डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा था पर मधु कहां मानने वाली थी। मधु मुझे कहने लगी कि नहीं मैं घर का सारा काम संभाल लूंगी लेकिन मैं नहीं चाहता था कि मधु की तबीयत और खराब हो। मधु इतने वर्षों से घर का काम संभालती आई थी और उसने मुझे कभी भी कोई परेशानी नहीं होने दी इसलिए मैंने एक नौकरानी को घर पर काम पर रखने के लिए सोच लिया था। उसके लिए मैंने अपने दोस्त से बात की तो वह कहने लगा कि मैं अपनी पत्नी से इस बारे में बात करता हूं। शाम के वक्त जब मैं ऑफिस से घर लौटा तो मेरे दोस्त माधव का मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि मेरी पत्नी ने एक नौकरानी से बात तो की है यदि तुम्हें ठीक लगता है तो मैं कल उसे तुम्हारे घर पर भेज देता हूं। मैंने उसे कहा लेकिन कल तो हमारी ऑफिस में मीटिंग है परसों छुट्टी रहेगी तो परसों के दिन तुम उसे भेज दो मा...

जीजा जी मेरी चूत मार लो

मैं उस दिन संजय के घर पर गया हुआ था लेकिन संजय उस वक्त घर पर नहीं था तो संजय की पत्नी निधि ने बोला कि संजय थोड़ी देर बाद घर आते ही होंगे आप इंतजार कर लीजिए मैंने कहा कि ठीक है मैं थोड़ी देर इंतजार कर लेता हूं। मैंने संजय को फोन किया तो संजय ने मुझे कहा कि वह बस आधे घंटे में घर पहुंच रहा है वह किसी जरूरी काम से घर से सुबह निकल गया था मैं काफी समय से संजय से मिला नहीं था तो सोचा कि संजय से मुलाकात कर लेता हूं। जब मैं संजय का इंतजार कर रहा था तो निधि मेरे लिए नाश्ता ले आई निधि ने मुझे कहा कि रमन भैया आप नाश्ता कर लीजिए मैंने निधि को मना किया लेकिन उसने मुझे कहा कि आप नाश्ता कर लीजिए। निधि ने नाश्ता लगा दिया और मैंने नाश्ता किया ही था कि थोड़ी देर में संजय आ गया और संजय मुझे कहने लगा कि रमन तुम्हें मेरी वजह से इंतजार करने करना पड़ा। मैंने संजय को कहा काफी दिनों से तुमसे मुलाकात नहीं हुई थी तो सोचा कि आज तुमसे मुलाकात कर लेता हूं। जब मैंने संजय को यह कहा तो संजय मुझे कहने लगा तुमने बहुत ही अच्छा किया मैं भी सोच ही रहा था कि तुम से और भाभी से मिलने के लिए घर पर आऊं लेकिन मैं अपने काम के चलते...

दोस्त की पत्नी बोली चूत मे लंड लेना है

अभी कुछ दिनों पहले की ही तो बात थी कि महेश मुझसे मिलने के लिए आया था लेकिन जब मैं महेश को मिलने के लिए अस्पताल में गया तो उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी और वह काफी दुबला पतला भी हो गया था। मुझे महेश की तबीयत खराब होने के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था अचानक से महेश की तबीयत खराब हो गई थी लेकिन मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। एक दिन मैं अपनी बहन के साथ उसकी शादी की शॉपिंग करने के लिए गया हुआ था तो उस दिन मेरी मुलाकात महेश की पत्नी सरिता से हुई। जब मेरी मुलाकात सरिता से हुई तो मुझे सरिता ने महेश के बारे में बताया और कहने लगी कि महेश की तबीयत कुछ दिनों से काफी खराब है और वह हॉस्पिटल में ही है एडमिट हैं। जब मैं महेश को मिलने के लिए हॉस्पिटल में गया तो उस वक्त वह हॉस्पिटल में नहीं था वह हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुका था सरिता उसे घर ले आई थी। मैं महेश को मिलने के लिए उसके घर पर गया मैंने जब महेश को देखा तो वह काफी जाना दुबला पतला हो चुका था मैं यह देखकर कभी चिंतित हो गया था क्योंकि महेश तो ऐसा था ही नहीं। महेश से मैंने पूछा कि महेश अचानक से तुम्हे क्या हुआ, वह अच्छे से बोल भी नहीं प...

लंड देख उसे मुंह मे ले लिया

मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं उसी कॉलोनी में महिमा भी रहती है लेकिन महिमा और मेरे बीच अब बिल्कुल भी बात नहीं होती पहले हम लोग बहुत ही अच्छे दोस्त थे लेकिन अब महिमा मुझे अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानती हैं। उसका ऐसा मानना है कि मेरी वजह से ही उसकी जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद हुई है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था मैंने तो हमेशा से ही महिमा को सपोर्ट करने की कोशिश की लेकिन महिमा को ना जाने मुझसे अब क्या परेशानी होने लगी थी जिस वजह से वह मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं किया करती थी। एक दिन हमारी कॉलोनी में चोरी हुई उस दिन मैंने देखा कि महिमा के पिताजी ने हीं यह चोरी की है तो मैंने पुलिस को इस बारे में बता दिया लेकिन महिमा को हमेशा ही लगता है कि उसके पिताजी ने यह सब नहीं किया था लेकिन महिमा को इस बात का कोई पता ही नहीं है कि आखिर हुआ क्या था। महिमा के पापा ने दूसरी शादी की जिस वजह से उनके ऊपर काफी ज्यादा समस्याएं हैं लेकिन इस बारे में महिमा को कुछ भी नहीं पता महिमा इस बात से पूरी तरीके से अनजान है और उसे लगता है कि उसके पापा अपनी जगह सही है। महिमा को अपने पापा की दूसरी शादी के बारे में भी नहीं पता और महि...

ठंड मे कंबल के अंदर चुदाई

दोपहर के 2:00 बजे थे तभी घर की डोर बेल बजी, मैंने अपनी पत्नी से कहा कि अक्षिता जाकर देखना दरवाजे पर कौन है तो वह कहने लगी कि ठीक है रोहन मैं देखती हूं। उसने घर का दरवाजा खोला जब उसने दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि मेरा दोस्त रवि है रवि काफी दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए घर पर आया था। रवि और मैं एक साथ बैठे हुए थे रवि मुझे कहने लगा कि रोहन तुम तो घर की तरफ आते ही नहीं हो। मैंने रवि से कहा नहीं रवि ऐसी बात नहीं है मैं अपने काम में दरअसल बिजी था इस वजह से तुम्हारे घर की तरफ नहीं आ पाया मैं एक दिन सोच रहा था कि तुमसे मिलने के लिए आऊं लेकिन उस दिन भी मैं कुछ ज्यादा ही व्यस्त था इस वजह से तुम से मिल नहीं पाएगा। रवि मुझे कहने लगा कि मैंने सोचा कि आज तुमसे मिल ही लेता हूं मैंने रवि से कहा क्या तुम सिर्फ मुझसे मिलने आए थे या अपने किसी और काम के सिलसिले में भी यहां आए थे तो रवि ने मुझे बताया कि वह अपने किस परिचित के घर आया था वह हमारे घर के पास में ही रहते हैं। हम दोनों बात कर रहे थे कि तभी मेरी पत्नी अक्षिता हम दोनों के लिए चाय ले आई। अक्षिता जब हम लोगों को ले चाय लाई तो हम दोनों ने चाय पी और चाय ...

काम वाली बाई से लंड चुसवाया

हेलो दोस्तों, आप कैसे है. मैं २८ साल का नौजवान हु और मुझे सेक्स का बहुत शौक है. मेरी शादी अभी नहीं हुई है और मैं मुंबई में रह कर जॉब कर रहा हु. आप सब को तो मालूम ही है, कि मुंबई की लाइफ कितनी भागा- दौड़ी वाली है और घर के लिए समय ही नहीं मिलता है. इसलिए मैंने घर में काम वाली बाई लगा रखी थी. वो कोई ४५ के आसपास की औरत होगी. वो सिर्फ मेरे घर में ही काम करती थी. मैंने उसको रखा ही इसी शर्त पर था. मेरा नाश्ता बनाना, कपड़े धोने, घर की साफ़ सफाई और बाकी सारे काम. वो सुबह ६ बजे आ जाती थी और मुझे चाय देकर जागती थी. आप सब को पता ही होगा, कि सुबह के वक्त लंड ज्यादा खड़ा होता है. बाई जब भी मुझे चाय दे कर जाती, तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट होती थी. मुझे ये तो पता था, कि मेरा लंड खड़ा रहता है और वो इसी वजह से मुस्कुराती है. एक दिन मैं ऑफिस से वापस आया, तो देखा कि उसने टेबल पर मेरी सेक्स किताबे निकाल रखी थी. वो मुझे चाय देते हुए बोली – साहब शादी कर लो. आप सुबह ही तने रहते हो, इन सब तस्वीरो को देख कर. फिर वो जोर – जोर से हसने लगी. मैंने कहा – कोई बात नहीं. तने हुए को शांत करने के लिए शादी की जरूरत नहीं है. सिर...

दोनो के बदन की गर्मी

मैं एमबीए की पढ़ाई कर रहा था उसी दौरान मेरे नैन सुनीता से मिलने लगे सुनीता और मैं दोनों ही अच्छे परिवार से थे सुनीता और मेरे बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई और हम दोनों एक दूसरे के साथ कॉलेज में अच्छा समय बिताया करते। थोड़े ही समय बाद हमारा कॉलेज पूरा हो चुका था और मैं अपने पापा के बिजनेस को संभालने लगा पापा के बिजनेस को संभालने के दौरान मैं इतना बिजी हो गया कि मुझे अपने लिए भी समय नहीं मिल पाता था सुनीता का ख्याल भी मेरे दिमाग से निकल चुका था। सुनीता से मेरी मुलाकात काफी वर्षों बाद हुई जब मैं सुनीता से मिला तो सुनीता की शादी हो चुकी थी सुनीता मुझसे कहने लगी कि मेरी शादी को एक वर्ष हो चुका है। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा कॉलेज खत्म होने के बाद 5 वर्ष इतनी जल्दी निकल गए सब कुछ इतनी तेजी से निकला की मैं अपने कई दोस्तों से मिल भी नहीं पाया था। मैंने और सुनीता ने एक गेट टूगेदर पार्टी रखने का फैसला किया क्योंकि सुनीता और मैं चाहते थे कि सब लोग दोबारा मिले। इतने वर्षों बाद जब हम सब लोग मिले तो मुझे बहुत ही खुशी हुई क्योंकि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि सब लोग एक साथ इतने वर्षों बाद मिलेंगे...

भाभी मुझ पर मर मिटी

मैंने गगन को उसकी शादी तय होने के लिए बधाई दी मैं उससे मिलने के लिए उसके घर पर गया था गगन मुझे कहने लगा कि राजेश तुम घर पर आए तो मुझे काफी अच्छा लगा। काफी समय बाद मैं गगन से मिल रहा था गगन से मिलकर मुझे भी काफी अच्छा लगा और हम दोनों उस दिन साथ में काफी देर तक बैठे रहे मेरी गगन से काफी बातचीत हुई और उसके बाद मैं अपने घर लौट आया। मेरी पत्नी संजना ने मुझे सुबह के वक्त उठाया मैंने जब घड़ी में देखा तो उस वक्त 6:00 बज रहे थे मैं हर सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए जाया करता हूं इसलिए मैं उस दिन भी सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकल पड़ा। करीब एक घंटे बाद मैं वापस लौटा तो संजना ने मेरे लिए चाय बनाई और कहने लगी कि राजेश आप चाय पी लीजिए मैंने चाय पी और उसके बाद मैं फ्रेश होने के लिए चला गया। मैं फ्रेश हुआ और अपने ऑफिस जाने के लिए मैं तैयारी करने लगा संजना मुझे कहने लगी कि राजेश आज रमेश आ रहा है, रमेश संजना का भाई है मैंने संजना से कहा कि मैं भी शाम के वक्त लौट आऊंगा और वैसे भी रमेश यहां पर कुछ दिनों तक तो रुकेगा ही। संजना मुझे कहने लगी कि हां रमेश अपने किसी काम से आ रहा है और वह कुछ दिनों के लिए यहां रुकने वाला...

पहली बार लंड देखा

मैं गांव का रहने वाला एक सामान्य सा लडका हूँ। यह बात तीन साल पहले की है जब मैं पोस्ट ग्रेजुएशन के पहले वर्ष मे था मैंने जब सुहानी को देखा तो मुझे उससे प्यार हो गया इससे पहले मैं प्यार पर विश्वास नही करता था लेकिन जब मैंने उसे देखा तो मुझे उस से प्यार हो गया। क्लास में वह सबसे ज्यादा इंटेलीजेंट थी कुछ महिनो तक उसे मै चुपके से देखता रहता था लेकिन मेरी कभी उस से बात करने की हिम्मत नही हुई। जब हम लोगो की रौनक ने बात करवाई तो मैं उससे बात करने लगा था इस तरह हमे बात करते हुए 6 महीने हो गये लेकिन मैं सुहानी से कुछ नही कह सका। कुछ समय बाद हमारे पहले वर्ष के एग्जाम हो गये लेकिन मैं अभी भी उस से कुछ नही बोल पाया था जब भी मैं उसे देखता तो वह मुझे देख कर मुस्करा देती यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। मैं उसे अपने दिल की बात कहना चाहता था लेकिन कह ना सका। एक दिन मै क्लास मे जल्दी आ गया था जब वह क्लास मे आई तो मुझे देख कर वह मुस्कराने लगी और वह मेरे पास आकर बैठ गयी। उस वक्त हमारी क्लास शुरू नहीं हुई थी सुहानी ने मुझसे कहा कि मोहन क्या आज शाम को हम लोग मेरे घर के पास मिल सकते हैं तो मैंने सुहानी को कह...

भाभी के हाथों की खीर

यह बात आज से चार वर्ष पहले की है, जब मेरी बैंगलोर मे नौकरी लगी थी, मैं बस से अपने ऑफिस आना जाना करता था। मेरे ऑफिस जॉइन करने के एक महीने के बाद टारगेट पूरा करने के चक्कर मे हमे ऑफिस मे देर तक रूकना पडता था। बस स्टॉप पर रोज़ आते जाते मैं एक अंकल को देखा करता। जिस बस मे मै जाता था वह बस उस दिन नहीं आई मुझे टेंशन हो रही थी। वह अंकल मेरे पास आए और कहने लगे तुम परेशान लग रहे हो तुम ठीक तो हो। मैने उन्हे कहा मुझे ऑफिस पर जाने की जल्दी है इसलिए टेंशन हो रही है। वह बोले इसमे इतना परेशान होने की क्या बात है। हम लोग बात कर रहे थे तो मुझे बस आती हुई दिखाई दी, जब बस बस स्टॉप पर रुकी तो सब उसमे पहले चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करने लगे। मै बस मे चढ़ गया वह अंकल भी बस मे बैठ गए मै भी उनके साथ बैठ गया। वह मुझसे बातचीत करने लगे मेरे बारे मे पूछने लगे। उन्होने मुझे कहा क्या तुम यहां नए आये हो? मैने उनको कहां हां मै यहां नया आया हूं। मैने उनको पूछा मैं आपको रोज़ सुबह देखता हूँ। उन्होंने मुझे बताया कि मैं अपने बेटे और बहू के पास हर रोज जाता हूं मेरी पत्नी के देहांत हो जाने के बाद मैं अलग रहता हूं इसलिए हर रोज ...