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हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम विधुर है और में आज आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ.. वैसे यह मेरी पहली कहानी है तो हो सकता है कि मुझे इसमें कोई गलती हो गई हो तो मुझे माफ़ करें… दोस्तों में बचपन से ही समझता था कि औरतें सेक्स में बहुत माहिर होती है.. तो इसलिए हमेशा से मैंने उन्हे एक देवी का दर्जा दिया. इसी वजह से मेरे मन के अंदर उनकी सेवा करने की और उन्हे खुश करने की प्रवृत्ति जाग गई और मुझे लड़कियों से ज्यादा शादीशुदा आंटियों के पैरों में रहकर उनकी सेवा करने का बहुत मन करता है. दोस्तों औरतों का शरीर एक वीना की तरह होता है.. अगर हम चाहे तो उनका एक एक अंग एक सुर की तरह बज सकता है और इस वजह से मुझे लड़कियों के पैरों चाट चाटकर उन्हे गर्म करना, उनके पैर, जांघो को चूमना, उनके बूब्स को छूना, दबाना, चूमना और चूत में जीभ डालकर चाटना बहुत अच्छा लगता और मुझे पता है कि यह सब महिलाओ को भी उतना ही पसंद है कि कोई उनका नौकर बनकर उनकी जी जान से सेवा करे.. उनके पैर चाटे, चूत चाटे, उनकी गंदी पेंटी चाटे और यहाँ तक की उनका मन करता है कि कोई उनका मूत तक पी ले और यह काम अगर पति कर दे तो पत...