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अब तक कई लंड ले चुकी थी

हर रोज की तरह मैं अपने घर से सुबह ऑफिस के लिए निकला जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकला तो रास्ते में मुझे राजेश मिला राजेश मेरे ऑफिस में ही काम करता है। मैंने राजेश को लिफ्ट दी और कहा की तुम्हारी मोटरसाइकिल कहां है तो वह मुझे कहने लगा कि मेरी मोटरसाइकिल खराब हो गई थी इसलिए आज मैं बस का ही इंतजार कर रहा था तभी तुम मुझे सही वक्त पर मिल गए। जब मुझे राजेश मिला तो उसके बाद हम दोनों ऑफिस आ गए हम दोनों ऑफिस पहुंचे ही थे कि मैंने देखा कि हमारे ऑफिस में कुछ इंटरव्यू चल रहे थे। मैंने रिसेप्शन पर पूछा तो रिसेप्शन पर मुझे विनोद ने बताया कि हमारे ऑफिस में इंटरव्यू चल रहे हैं। मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी और ना ही राजेश को इस बारे में कुछ पता था हम दोनों अपना काम करने लगे और फिर हम दोनों अपना काम खत्म कर के दोपहर के वक्त अपने ऑफिस से बाहर आए। जब हम लोग अपने ऑफिस से बाहर आए तो हमारे ऑफिस के बाहर पर ही एक कैंटीन हैं हम लोग वहीं पर खाना खा रहे थे हम लोग अक्सर उस कैंटीन में जाया करते हैं। जब हम लोग कैंटीन में पहुंचे तो वहां मैंने देखा कि हमारे ऑफिस में ही काम करने वाले कुछ और लोग भी वहां पर थे खाना खाने के बाद हम लोग वापस अपने ऑफिस लौट आये और अपना काम खत्म कर के शाम के वक्त लोग घर की तरफ निकल पड़े।

राजेश को मैंने उसके घर पर छोड़ दिया था और मैं जब घर पहुंचा तो मेरी पत्नी कावेरी ने मुझे कहा कि सुधीर क्या तुम्हें याद है कल बंटी का बर्थडे है। मैंने कहा कि मेरे दिमाग से तो यह बात बिल्कुल निकल ही गई थी। हम लोग बंटी का बर्थडे सेलिब्रेट करना चाहते थे कावेरी ने मुझे कहा कि आपको अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ेगी तो मैंने कहा ठीक है मैं कल ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा। अगले दिन मैं अपने ऑफिस नहीं गया मैंने अपने कुछ दोस्तों को बंटी के बर्थडे में इनवाइट कर लिया था मैंने एक होटल में सारा अरेंजमेंट करवाया था और बंटी का बर्थडे बड़े ही अच्छे से हम लोगों ने सेलिब्रेट किया। बंटी की उम्र अब 5 वर्ष हो चुकी है और बंटी को मैंने गिफ्ट भी दिया अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगा ऑफिस में कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मैं घर देर से पहुंचता था।

एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर पहुंचा तो मैंने देखा कि कावेरी घर पर नहीं थी मैंने कावेरी को फोन किया और कावेरी से कहा कि तुम कहां हो तो वह मुझे कहने लगी कि मैं पड़ोस में आई हुई हूं बस थोड़ी देर बाद आती हूं। थोड़ी देर बाद कावेरी घर आ गई जब कावेरी घर आई तो मैं और कावेरी साथ में बैठे हुए थे कुछ देर हम लोगों ने बात की फिर कावेरी रसोई में चली गई। कावेरी रसोई में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी मैं भी अपने रूम में चला गया थोड़ी देर में कावेरी आई और मुझे कहने लगी कि चलो हम लोग खाना खा लेते हैं और फिर हम लोगों ने खाना खाया। खाना खाने के बाद हम लोग कुछ देर अपने छत पर टहलने के लिए चले गए कुछ देर हम लोग छत पर ही टहलते रहे फिर हम लोग नीचे आ गए उस वक्त करीब 11:30 बज चुके थे और फिर हम लोग सो गए। अगले दिन मैं जब सुबह 7:00 बजे उठा तो मैं अपने ऑफिस जाने की तैयारी करने लगा कावेरी भी मेरे लिए नाश्ता तैयार करने लगी। कावेरी ने मेरे लिए नाश्ता बना दिया था मैंने कावेरी से कहा कि तुम मेरे लिए आज खाना मत बनाना मैं बाहर ही खा लूंगा। कावेरी कहने लगी कि मैं आपके लिए टिफिन रख देती हूं लेकिन मैंने कावेरी को मना कर दिया उसके बाद मैं अपने ऑफिस चला गया। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन राजेश ऑफिस नहीं आया था मैंने राजेश को फोन किया और राजेश से कहा कि क्या आज तुम ऑफिस नहीं आ रहे हो तो वह मुझे कहने लगा कि नहीं सुधीर आज मैं ऑफिस नहीं आ रहा हूं। मैंने उसे कहा कि आज क्या तुम किसी जरूरी काम से कहीं जा रहे हो तो उसने मुझे कहा नहीं मैं आज घर पर ही हूं मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए मैं आज ऑफिस नहीं आ रहा हूं। मैंने राजेश को कहा ठीक है तुम आराम करो उसके बाद मैंने फोन रख दिया उस दिन मैं जब शाम के वक्त घर लौटा तो मैंने बंटी के लिए कुछ खिलौने ले लिए और मैं जब घर पहुंचा तो बंटी खिलौने देख कर बहुत खुश हो गया था। कावेरी कुछ दिनों के लिए अपने मम्मी पापा से मिलने के लिए जाना चाहती थी तो कावेरी ने मुझे कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए मम्मी पापा के पास जा रही हूं।


मैंने कावेरी से कहा ठीक है तुम चली जाओ और अगले दिन कावेरी अपने मम्मी पापा से मिलने चली गई कुछ दिनों तक मैं घर पर अकेला ही था और अकेले ही मैं सब कुछ मैनेज कर रहा था हालांकि मुझे परेशानी हो रही थी लेकिन फिर भी मैं मैनेज कर रहा था। हमारे ऑफिस में कुछ दिनों पहले ही एक लडकी आई थी उसका नाम ललिता है वह दिखने में बेहद ही सुंदर है उसे मैं अक्सर देखा करता ललिता कि नजर भी मुझे कुछ ठीक नहीं लगती थी वह भी मुझे हमेशा देखा करती थी और जब भी उसे मौका मिलता तो वह मुझसे चिपकने की कोशिश करती क्योंकि कावेरी मायके गई हुई थी तो मैं भी घर पर अकेला था मैंने ललिता से उस दिन पूछा कि क्या तुम मेरे साथ मेरे घर पर चलोगी। वह मेरी बात मान गई और मेरे साथ घर पर आ गई जब ललिता घर पर आई तो हम दोनों अकेले थे मैंने ललिता की जांघ पर हाथ रखा। उसने मुझे कुछ नहीं कहा शायद वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार थी और उसके अंदर भी कुछ तो चल रहा था लेकिन जब वह मेरी गोद में आकर बैठे तो मैं समझ गया कि वह मुझसे अपनी चूत मरवाना चाहती है उसने मेरी छाती पर हाथ रखते हुए कहा कि सर आप बडे सेक्सी हो मैंने जब आपको पहली बार देखा था तभी से मैं आप पर पूरी तरीके से फिदा थी।

मैंने उसे कहा कि तुम बहुत ज्यादा सुंदर हो और तुम्हें देखकर मुझे ऐसा लगता है जैसे कि तुम्हारी चूत मे मार लूं। वह मुझे कहने लगी सर तो फिर आप देर क्यों कर रहे हैं आप जल्दी से मेरी चूत मार लीजिए मैं इंतजार कर रही हूं कि कब आप मेरी चूत मारोगे। मैंने ललिता के होंठों को चूमना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होने लगी और मचलने लगी मैंने जब उसके होठों को अच्छे से किस किया तो वह मुझे कहने लगी अब मुझे आपके लंड को अपने मुंह में लेना है उसकी उत्तेजना बढ़ चुकी थी और वह अपने पैरों को आपस में मिला रही थी मैंने भी उसकी जींस को नीचे किया और उसकी पैंटी को नीचे की तरफ खींचते हुए उतार दिया। जब मैंने देखा कि उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को टपक रहा है मै बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था और मेरे अंदर की आग बढ़ाने लगी थी। मेरे अंदर की आग इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी उसे रोक नहीं पा रहा था मैंने कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड डालना चाहता हूं। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया और उन्हें बड़े अच्छे से मैं चूसने लगा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से मैं उसके स्तनों को चूस रहा था और मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही थी मैंने ललिता की चूत को बहुत देर तक चाटा जब तक मैं उसकी चूत को चाटता रहा तब तक वह उत्तेजित हो रही थी। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रगडना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब आप अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो मैं भी अब पूरी तरीके से मचलने लगा था।

मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालने के लिए तैयार था मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाला तो मुझे मजा आने लगा मेरा लंड उसकी चूत को फाडता हुआ अंदर की तरफ चला गया और मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था जिस तरह से मैं उसे धक्का मार रहा था मुझे उसे चोदने मे बहुत मजा आ रहा था और उसकी सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी उसके अंदर की आग तो पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी और मेरे अंदर की गर्मी भी अधिक हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी आप और तेजी से करते रहो तो मैंने उसे घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाने के बाद जब मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की तो उसकी चूत पर मैंने अपने लंड को सटा दिया और जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो मुझे मजा आने लगा मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई। मैंने उसे कहा पहले तुमने ना जाने कितने ही लंड लिए होगे वह अपनी चूतडो को टकराती और मुझे कहने लगी हां मैंने इस से पहले बहुत सारे लंड अपनी चूत में लिए है लेकिन आपका लंड तो बड़ा ही कमाल का है और मुझे बड़ा मजा आ रहा है जिस प्रकार से आप मुझे धक्के मार रहे हैं।

वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी और मेरे अंदर की आग को वह इतना बढा चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और मेरे अंदर गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी। मैंने उसे कहा मुझे लग रहा है मेरा वीर्य पतन होने वाला है तो वह कहने लगी आप अपने वीर्य को गिरा दीजिए। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिरा रहा हूं वह कहने लगी कोई बात नहीं और मैंने अब एक जोरदार झटका मारा जिससे कि मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर चला गया और वह खुश हो गई उसके बाद उसने मेरी गर्मी को ऐसे बढ़ा दिया जैसे कि वो मुझसे दोबारा से चुदना चाहती हो। मैंने उसे दोबारा से चोद कर अपनी गर्मी को शांत किया मेरी गर्मी शांत हो चुकी थी और उसके बाद हम लोग एक ही बिस्तर में सो गए अगले दिन हम दोनो साथ मे ऑफिस गए।

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