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बूढ़े मकान मालिक ने मुझे अपने दोस्तों से चुदवाया

मैं रेशमा शर्मा आप सभी का एक बार फिर से sex स्वागत करती हूँ, आप ने मेरी पिछली story पिज़्ज़ा वाले ने पिज़्ज़ा मेरी चूत में और लंड मुँह में डाला पढ़ी होगी, अब मैं आप को आगे की कहानी सुना रही हूँ.मैं पिज़्ज़ा वाले राकेश को बुला कर मस्त चुदाने में लगी हुई थी, तभी डोर बेल बजी और मैं जल्दी से टॉप और स्कर्ट पहन ली और पिज़्ज़ा वाला लड़का भी कपडे पहन लिया मैं जैसे ही दरवाजा खोली सामने मेरे मकान मालिक थे। उन्हें इस तरह अचानक देख कर मैं चौक गयी क्यों की पिज़्ज़ा वाला अंदर था और मुझे पकडे जाने का डर था। तभी मेरे बूढ़े मकान मालिक जिसे मैं ताऊजी बुलाती हूँ वो अंदर आये और बोले इतने देर क्यों लगा दी दरवाजा खोलने में, मैं बोली – ताऊजी पिज़्ज़ा ले रही थी फिर वो पूछे ये पिज़्ज़ा वाला लड़का पिज़्ज़ा खा कर जायेगा क्या ? मैं बोली नहीं ताऊजी इनको पैसे देने के लिए मैं रोकी थी। मैं उसको जल्दी से पैसे निकल कर दी और पिज़्ज़ा वाला राकेश चला गया।
ताऊजी आप तो बाहर गए थे जल्दी आ गए ? ताऊजी बोले – हां मेरा काम जल्दी हो गया इसलिए बेटा और बहु मुझे घर छोड़ कर शॉपिंग के लिए गए है।
मैं आप को बता दू मेरे माकन मालिक के घर में उसका बेटा और बहु है, जिनकी शादी को 1 साल ही हुआ है और बुड्ढे ताऊजी की बीवी ६ साल पहले बीमारी की वजह से गुजर गयी।ताऊजी मेरे बिस्तर में बैठ गए और बोले तुमने उसको अंदर ले कर दरवाजा क्यों बंद किया था ?
मैं बहाना करते हुई बोली ताऊजी तेज हवा चल रही थी न इसलिए दरवाजा बार बार खुल बंद हो रहा था इसलिए कुंडी लगा दी थी। तभी ताऊजी की नजर निचे जमीन पर पड़ी मेरी ब्रा और पेंटी पर गयी, मैं जल्दी – जल्दी में ब्रा पेंटी पहनना भूल गयी थी, ताऊजी बोले इसको बहार क्यों राखी हो पहन लो, मैं ब्रा और पेंटी उठा कर बाथरूम की तरफ जाने लगी तभी ताऊजी बोले वहाँ क्यों जा रही हो यही पहन लो। मैं चौक गयी और बोली ताऊजी आप कैसे बात कर रहे है? 
ताऊजी – अच्छा उस पिज़्ज़ा वाले लड़के से चुदवा रही थी और मुझे बेवकूफ समझती है तू ??
मैं – ताऊजी आप कैसी बात कर रहे है, आप को कोई ग़लतफ़हमी हुई है।


ताऊजी – साली चुड़क्कड़ मुझे पागल समझती है मैं बाहर से सब सुन लिया हु, तू अंदर पिज़्ज़ा ले रही थी या चूत में लंड ? आह आह्हः उईईई और जोर से चोदो ये कौन बोल रहा था तेरी अम्मा ?। मैं चुपचाप खड़ी थी मेरी समझ में नहीं आ रहा था क्या करू।तभी बुढऊ उठा और मुझे आ कर पकड़ लिया और बोला मैं 6 साल से किसी को चोदने के लिए तड़प रहा हूँ मझ से भी चुदवा ले मस्त चोदुँगा मेरी उम्र पर मत जा तेरी चूत फाड़ दूंगा एक बार मुझे भी आजमा ले जानेमन। ऐसा बोलते हुए वो मुझे जोर से पकडे हुए थे और मेरी गांड को जोरो से मसल रहे थे। मैं फिर से गरम होने लगी, मेरी पिज़्ज़ा वाले से चुदाई अधूरी रह गयी थी और अब एक बूढ़ा मुझे चोदने को बेताब था।
मैं बोली ठीक है लेकिन सिर्फ एक बार और आप किसी को कुछ नहीं बोलोगे ?
ताऊजी बोले थी है और मेरी टॉप उतार दी और मेरे बूब्स को किसी बच्चे की तरह चूसने लगे मुझे उनका चूसना अच्छा लग रहा था अब वो मुझे बिस्तर पर लेटा दिए और मेरी स्कर्ट उतार कर मेरी चूत किसी कुत्ते की तरह चाटने लगे।कभी वो मेरी चूत चाटते कभी चूत के दाने को दांत से काट लेते मुझे इतना आनंद आ रहा था मैं बता नहीं सकती मेरी चूत से पानी निकलने लगा और मकान मालिक ताऊजी पूरा चाट कर साफ़ करते जा रहे थे। ताऊजी उठे और अपने कपडे निकल दिए और जैसे उन्होने अपनी चड्डी उतारी यही कोई 7 इंच का मोटा काला लंड मेरी आँखों के सामने था। जिसे देख कर मैं चौक गयी इतना लम्बा और मोटा लंड तो पिज़्ज़ा वाले राकेश का भी नहीं था, मेरे मुँह में पानी आने लगा और मैं उनका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी उनके लंड से अजीब सी बदबू आ रही थी शायद वो बूढ़े हो गए है इसलिए। थोड़ी देर लंड चूसने के बाद ताऊजी बोले रेशमा चल लेट जा मैं मुझे जन्नत की सैर करता हूँ। ताऊजी मेरी दोनों टांगो को उठा कर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे मेरी चूत अभी भी टाइट थी इसलिए उन्होंने जोर का धक्का दिया और पूरा लंड मेरी चूत की गहराई में चला गया मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन जैसे ही ताऊजी लंड आगे पीछे करने लगे मुझे मजा आने लगा। ताऊजी मुझे पूरी ताकत लगा कर चोद रहे थे मैं भी पूरे जोश से उसका साथ दे रही थी 10-12 मिनट जी चुदाई के बाद – आह आह आह्ह्ह्हह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और जोर तेज और तेज आअह आउच उम्मम्ममाहहहह मेरी छूट से पानी निकलने लगा मैं ताऊजी को कास कर पकड़ ली और ढीली पड़ गयी, अभी भी ताऊजी मुझे चोद रहे थे मेरी चूत का बुरा हाल हो रहा था तभी उनके लंड से गरमा गर्म वीर्य निकला और मेरी चूत में भर गया अभी तक ताऊजी रुके नहीं और मेरी चूत से फच फच की आवाज आने लगी और पूरा वीर्य निकल कर बिस्तर में गिरने लगा ताऊजी उठे और लंड मेरे मुँह में डाल दिए उसके लंड पर वीर्य और मेरी चूत का पानी था जिसे चाट कर मैं साफ़ कर दी।ताऊजी मेरे ऊपर चढ़ कर सो गए और किसी बच्चे की तरह मुझ से लिपट गए। सच कहु तो मुझे उस जवान लड़के से ज्यादा बूढ़े ताऊजी से चुदवा कर मजा आया था।
मैं ताऊजी को बोली अभी आप जाओ और आगे से जब चाहो मुझे चोद सकते हो ताऊजी जी खुश हो गए और मेरी गांड चाटने लगे मैं बोली क्या कर रहे हो? ताऊजी बोले मेरी रंडी मैं तेरा गांड चोदुँगा ताऊजी मेरी गांड की छेद गीली कर दिए और मुझे घोड़ी बनने को बोले मैं घोड़ी बन गयी अब वो मेरी गांड में अपना लंड डालने लगे उसका लंड अंदर जैसे ही गया मेरी गांड फट गयी और मैं छटपटाने लगी वो रुक गए और एक बार बहोत जोर का धक्का दिए उनका पूरा लंड मेरी गांड फाड़ कर अंदर चला गया था। मैं उसको रुकने को बोली दर्द की वजह से आँखों से आंसू गिरने लगे। ताऊजी पीछे से मुझे लिपट कर चूमने लगे और मेरे बूब्स दबाने लगे २ मिनट बाद उन्होंने मेरी गांड मारना शुरू किया और लगतार 15 – 20 मिनट तक मेरी गांड चोदते रहे मुझे मजा रहा था और मैं सिसकारियां ले कर चुदवा रही थी इस बार मुझे और ज्यादा मजा आया।ताऊजी के लंड का पानी निकलने वाला था वो उठे और मुझे निचे बैठा कर मेरे चहरे पर अपना पूरा वीर्य निकल दिए।
हम दोनों बाथरूम जा कर साफ़ हुए और फिर ताऊजी कपडे पहन कर मेरे बूब्स दबाते हुए निचे चले गए। उस दिन से ताऊजी मुझे जब भी मौका होता आकर चोदने लगे।1 महीने बाद मेरी छुट्टियां चल रही थी ताऊजी के बेटा बहु दोनों ऑफिस गए हुआ थे। ताऊजी के घर पर उनके 2 दोस्त आये थे। मैं सोच रही थी आज चुदाई का मौका है और ताऊजी दोस्तों को बुला कर गप्पे लगा रहे है तभी ताऊजी ने मुझे आवाज दिया और बोले रेशमा निचे आ जाओ मैं तुम्हे अपने दोस्तों से मिलवाता हूँ।
मैं जैसे निचे गयी ताऊजी उठे और मेरी गांड मसलते हुए मुझे पकड़ कर अपने गोद में बैठा लिए, मैं डर गयी।
मरे मकान मालिक ताऊजी बोले जानेमन मेरे दोस्तों को मैंने सब बता दिया है तुम शर्माओ मत मैं थोड़ा डरी हुई थी, मैं समझ गयी आज ताऊजी और उनके दोनों दोस्त ये तीनो मिल कर जरूर मेरी चुदाई करेंगे लेकिन तीन लंड से एक साथ चुदाई और भी मजा देगा ये सोच कर मेरी चूत गीली होने लगी मैं आज ऐसे ताऊजी की गोद में बैठी हुई थी जैसे मैं इन तीनो बुड्ढ़ो की रंडी हूँ। कहानी के अगले पार्ट में मैं आप को बताउंगी कैसे इन तीनो बुड्ढ़ों ने मुझे रंडी की तरह चोदा।



मैं रेशमा शर्मा आप सभी का एक बार फिर मेरी चुदाई की कहानी में स्वागत करती हूँ, अभी तक आप ने मेरी कहानी Pizza वाले ने पिज़्ज़ा मेरी चूत में और लंड मुँह में डाला,,, बूढ़े मकान मालिक ने मुझे चोदा और अपने दो दोस्तों से चुदवाया पढ़ी होगी। अब मैं आप को आगे की कहानी सुनाती हूँ,
ताऊजी मुझे अपनी गोद में बैठा कर मेरी चूचिया मसल रहे थे और उसके दोनों दोस्त बैठ कर मुझे घूर घूर कर देख रहे थे वो दोनों मेरे मकान मालिक से भी ज्यादा बूढ़े थे सायद यही कोई ६०-६२ की उम्र होगी उनमे से एक बहोत मोटा था और दूसरा अभी भी स्लिम फिट दिख रहा था ताऊ जी उन्हें मोनू और सोहन नाम से बुला रहे थे।ताऊजी मुझे बोले रेशमा मेरी जान हम तीनो आज तुम्हारा मजा एक साथ लेना चाहते है, तुम तैयार हो ना? मैं डरी हुई थी लेकिन हां बोल दी मैं भी ग्रुप सेक्स का मजा लेना चाहती थी। मकान मालिक ( ताऊजी ) मेरी टॉप उतर दिए और मेरी ब्रा के ऊपर से मेरी चूचिया मसलने लगे फिर मोटा वाला बूढ़ा ( मोनू ) उठा और आ कर मेरी गांड मसलने लगा तभी स्लिम फिट बूढ़ा ( सोहन ) मेरी स्कर्ट निकल कर फेंक दिया। अभी मैं सिर्फ ब्रा पेंटी में थे, तीनो बुड्ढ़े मेरी चूत, गांड और चूचियों को मसलने लगे।
मुझे जोश चढ़ने लगा, ताऊजी मुझे सोफे पर बैठा दिए और तीनो बुड्ढे अपने कपडे उतारने लगे , ताऊजी से तो मैं चुदवाती रहती हूँ, मैं उन दोनो बूढों को देखना चाहती थी उनका कितना मोटा और लम्बा है। तभी ताऊजी पुरे नंगे हुए उसके बाद सोहन अपनी चड्डी निकला उसका मोटा काला और ७ या ८ इंच लम्बा लंड पूरा तना हुआ मुझे ललकारने लगा। अभी मोटा वाला बूढ़ा मोनू अपनी देसी कच्छी उतारा और मेरी हंसी छूट गयी उसका लंड यही कोई ३ या ४ इंच का छोटा सा था। लेकिन उसकी मोटाई ताऊजी और सोहन से ज्यादा थी मैं हंसी रोक कर बैठी रही।वो तीनो मेरे पास आये और ताऊजी मुझे उठा कर मेरी ब्रा उतर दिए मोनू मेरी पेंटी निकल दिया और सोहन मेरी गांड पर टूट पड़ा और चाटने लगा ताऊजी मेरी चूचिया पिने लगे। मोनू मेरी चूत को चाटने लगा, मैं तीनो तरफ से चूसी जा रही थी ये मजा कुछ अलग ही था। तीनो बुड्ढे ४ -५ मिनट तक ऐसे ही मेरी गांड और छूट में लगे रहे। उसके बाद ताऊजी बोले चलो अब इसके चूत और गांड एक साथ मरते है, मैं डर गयी लेकिन हिम्मत कर के कुछ नया अनुभव करने को तैयार थी। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। सोहन बोला यार तू तो इसको बहुत चोदा है आज पहले हम दोनों को करने दे। ताऊजी बोले थी है मजे करो सोहन सोफे पर लेट गए और मुझे अपने ऊपर चढ़ने को बोले मैं उसके लंड पर बैठ कर धीरे धीरे चूत में लेने लगी मेरी चूत फटी जा रही थी उसका लंड पूरा अंदर समा चूका था पीछे से मोनू आया और अपना छोटा और मोटा लंड मेरी गांड में पेलने लगा उसका लंड ज्यादा मोटा था इसलिए अंदर नहीं जा रहा था उसने मेरी गांड की छेद में थूक लगा कर जोर से धक्का दिया और उसका मोटा लंड मेरी गांड में २ इंच अंदर घुस गया मेरी फट गयी दर्द से मैं कराही जा रही थी इतने में ताऊजी मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिए और मेरे बूब्स मसलने लगे।
मेरे सरीर का कोई भी हिस्सा खाली नहीं था सोहन मेरी चूत चोद रहा था मोनू मेरी गांड और मकान मालिक मेरे मुँह को चोद रहा था। कमरे मेरी तीनो बूढ़ों की हवस और चुदाई से फट फट की आवाज गूंज रही थी , तीनो कमीने बुढऊ मुझे फुल स्पीड से चोद रहे थे १० -१२ मिनट में मेरी चूत २ बार पानी छोड़ चुकी थी तीनो बूढ़े चोदन में लगे थे , अभी मोनू का लंड पानी छोड़ दिया और मेरी गांड भर गयी मोनू मेरी गांड से लंड निकाल कर दूसरे सोफे में बैठ गया २ मिनट बाद सोहन मेरी चुत में छूट गया और ताऊजी मेरे मुँह के अंदर ही अपना सारा माल छोड़ दिए, ऐसे मेरी चुदाई लगतार १५ -२० मिनट हुई और मेरा बुरा हाल हो गया मुझे मजा आया लेकिन दर्द भी हुआ।तभी मोनू बोला यार हम तीनो कॉलेज के दिनों में जो करते थे आज बुढ़ापे में फिर से करने को मिल गया पुरानी याद ताजा हो गयी। सोहन बोला अभी एक काम तो बचा हुआ है जिसका मुझे इन्तजार था मैं ताऊजी से बोली अभी क्या बचा हुआ है ? ताऊजी बोले कुछ नहीं जानेमन अभी रुक पता चल जायेगा। ताऊजी फ्रीज से क्रीम वाली चॉकलेट निकाल कर लाये और बोले रेशमा डार्लिंग तू टांग उठा कर सोफे पर बैठ जा मैं वैसे ही बैठ गयी मेरी समझ में नहीं आया क्या होने वाला है तभी सोहन ताऊजी के हाथ से चॉकलेट ले कर मेरी चूत के पास आया और ऊँगली में चॉकलेट लगा कर मेरी चूत के अंदर डालने लगा उसने मेरी छूट में इतना चॉकलेट जा सकता था भर दिया और मुझे खड़े होने को बोला मैं खड़े हो गयी और तीनो बुड्ढे फर्श पर मेरी छूट के निचे लेट गए।  
ताऊजी बोले रेशमा अब तू हम तीनो को अपनी चॉकलेट वाली पेशाब पीला दे। वो तीनो ऐसे मुँह खोल कर निचे लेटे थे जैसे उन्हें कोई अमृत पीने को मिलने वाला है। मैं खुस हुई चलो सालो मेरा मूत पीओ तुम लोग और खड़े खड़े सुसु करने लगी। मेरी पेशाब टांगो से बह रही थी और चॉकलेट वाली पेशाब की धार उन तीनो बुढ़ऊ के मुह पर गिर रही थी तीनो मुँह खोल कर मेरा पेशाब पीने लगे जैसे पेशाब की धार ख़त्म हुई तीनो मेरी टांड में लगी हुई पेशाब और चॉकलेट चाटने लगे।अभी वो लोग उठ गए और मुझे एक साथ उठा कर बाथरूम ले गए जहा वो लोग मुझे निचे लेटा दिए और मेरे ऊपर पेशाब करने लगे सोहन बोला ये लो जान इसमें भी मजा है मैं पूरी तरह पेशाब से नहा चुकी थी। ताऊजी शावर चालू किये और तीनो ने मुझे शैम्पू लगा कर नहलाया और खुद भी नाहा कर मुझे बेड रूम में ले गए और फिर से बारी बारी मेरी चुत और गांड मारी इस बार वो तीनो एक साथ मेरे मुँह में अपना वीर्य निकाले मैं सारा माल गटक गयी आज की चुदाई से बड़ा मजा आया हम चारो बड़े खुस थे। ताऊजी के बेटा बहु शाम को आने वाले थे इसलिए वो दोनों बूढ़े चले गए, मैं और ताऊजी दोनों एक बार और चुदाई किये उसके बाद मैं अपने कमरे में चली गयी और ये खेल हर महीने होता रहा ताऊजी मुझे सप्ताह में एक बार मौका निकाल कर चोद दिया करते थे, मेरी चुदवाने की तमन्ना पूरी हो चुकी थी।मैं अब किसी जवान लंड की तलाश में थी और दूसरी जगह शिफ्ट हो गयी।

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