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मेरा नाम मोहित है मेरी उम्र 18 साल है मैं अपनी आंटी का दीवाना हो गया हूँ. मेरे घर में मम्मी पापा अंकल और आंटी है। आंटी की एक बेटी है जिनकी शादी हो गयी है, घर में हम पांच लोग रहते है। मेरी आंटी की उम्र 38 है फिर भी जवान और खूबसूरत दिखती हैं उनका फिगर कमाल का है पतली कमर बड़े बूब्स और फूली हुई गांड। आंटी की शादी मेरे अंकल से 18 की उम्र में हो गयी थी मेरे अंकल बहुत शराब पीते है अंकल आंटी का झगड़ा भी होता है।
जब मैं छोटा था मुझे आंटी कभी कभी नहलाने लगती थी और मेरे नुनु को साबुन लगा कर साफ़ करती थी मुझे उस समय सेक्स का पता नहीं था, मैंने अपनी आंटी को ब्लाउज पेटीकोट में बहुत बार देखा है लेकिन कभी नियत ख़राब नहीं हुई। मेरी नानी बीमार थी उनको देखने के लिए मम्मी पापा नानी के घर गए थे, 2 दिन बाद मुझे तेज बुखार हुआ मेरे अंकल मुझे डॉक्टर को दिखाने लेगए डॉक्टर ने 4 दिन की दवाई दी. घर वापस आ कर मैं सो गया मुझे दवाई खाने से बहुत पसीना आ रहा था पुरे कपड़ भीग गए थे आंटी मेरे कपडे चेंज की और मैं सो गया। 2 दिन बाद मेरी तबियत कुछ ठीक हुई लेकिन मैं पुरे 3 दिन से नहाया नहीं था मुझ से पसीने की बदबू आ रही थी और बीमार होने की वजह से मेरा नहाने का मन नहीं हो रहा था।
हर दिन की तरह अंकल काम पर चले गए आंटी मेरे कमरे में आयी और बोली चल नाहा ले पानी हल्का गरम कर के नहाने के लिए रख दी हूँ। मैं नहाने से मना करने लगा आंटी बोली नाहा लो यार कितना पसीना हुआ है तुमको, चल ठीक है मैं अभी नहीं नहायी हूँ तुझे साथ में नहला देती हूँ, मेरा नहाने का बिलकुल भी मूड नहीं था लेकिन आंटी के बोलने से मैं नहाने के लिए बाथरूम गया। आंटी मेरे बचपन की तरह वैसे ही ब्लाउज और पेटीकोट में बाथरूम में चली गयी और मुझे कपडे उतारने को बोली मैं चड्डी पहना छोटे स्टूल पर बैठ गया आंटी मेरे ऊपर पानी डाल कर मेरे बालों पर शैम्पू लगा कर मेरे सरीर पर साबुन लगाने लगी, अब मैं पूरा जवान था और एक औरत का स्पर्श मेरे सरीर पर होने से मेरा लंड खड़ा होने लगा। आंटी के बूब्स ब्लाउज के अंदर से आधे दिख रहे थे बड़े बड़े हिलते बूब्स को देख कर मेरा लंड पर कण्ट्रोल नहीं रहा और लंड पूरा 6 इंच का खड़ा हो गया।
आंटी मेरे पैरों पर साबुन लगा रही थी तभी उनकी नजर मेरी चड्डी के अंडर खड़े लंड पर पड़ी आंटी हलके से मुस्कुराई और बोली चल खड़ा हो जा. मैं बोला नहीं आंटी बैठ कर ही नाहा लेता हूँ, आंटी गुस्साई और बोली अरे यार तुम भी ना ऐसे ठीक से साबुन नहीं लगेगा सरीर पर,, 3 दिन बाद नाहा रहा है सब जगह अच्छे से साफ़ होना जरुरी है नहीं तो खुजली हो जाएगी। मैं खड़ा हुआ और मेरा लंड अब चड्डी के अंदर से आंटी के मुँह के पास सटा हुआ था आंटी मुझे बैठ कर नहला रही थी।आंटी बोली चल अपने चड्डी निचे कर अंदर भी साफ़ करना है मेरे अंदर जोश भर गया था लेकिन मैं शरमा रहा था आंटी बोली उतार मोहित नहीं तो मैं खुद निचे कर दूंगी , इतना बोल कर आंटी मेरा चड्डी निचे खींच ली। मेरा 6 इंच का लंड चड्डी से आज़ाद होते ही आंटी की नाक को छूता हुआ तन कर खड़ा हो गया। आंटी बोलने लगी आज 7 साल बाद मेरे हाथ से नहा रहा है, तू कितना बड़ा हो गया है और तेरा नुनू भी। आंटी मेरे लंड की चमड़ी पीछे की और बोली देख अंदर मैल जमा है, आंटी हाथ पर साबुन लगा कर मेरे लंड को रगड़ने लगी मुझ से कण्ट्रोल नहीं हुआ और 1 मिनट के अंदर मेरा वीर्य किसी पिचकारी की तरह निकल कर आंटी के मुँह और बूब्स पर जा गिरा और टपकने लगा।
मैं घबरा गया लेकिन आंटी बोली कोई बात नहीं मोहित अब तू जवान हो गया है और नुनू लंड बन गया है इसलिए ऐसी पिचकारी छोड़ रहा है, मैं चुप खड़ा था आंटी पूछी तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या ? मैं बोला नहीं आंटी। अच्छा इसका मतलब तूने सेक्स भी नहीं किया होगा ना ? मैं सर हिला कर नहीं में जवाब दिया।
आंटी मेरे ऊपर पानी डाल कर मुझे साफ़ की और मेरे लंड को पानी से धोने लगी और बोली तेरा नहाना तो हो गया अब मैं नाहा लेती हु ,, तू यही रुक मेरी पीठ पर साबुन लगा देना। आंटी अपनी ब्लाउज और ब्रा उतार कर खुद पर पानी डालने लगी, मैं आंटी के बड़े बड़े बूब्स और काले निप्पल देख कर फिर से जोश से भर गया और मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं साबुन लेकर आंटी के पीठ पर लगाने लगा आंटी बोली मोहित मैं तुझे इतने प्यार से नहलायी हु तूभी आज अपनी प्यारी आंटी को नहला दे।
मैं आंटी के पेट पर साबुन लगा कर उनके हाथ पर साबुन लगा रहा था और आंटी मेरे खड़े लंड को घूर कर देख रही थी।
मैं हाथ में साबुन लगा कर रुक गया आंटी बोली मोहित मोमे पर भी लगा ना साबुन, मेरा डर अब ख़त्म हो गया था मैं आंटी के बूब्स पर साबुन लगा दिया और उनकी बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लगा।आंटी खड़ी हो कर अपनी पेटीकोट खोल दी और मैं अंदर का नजारा देख कर देखता रह गया आंटी पेंटी नहीं पहनी थी और वो मेरे सामने नंगी थी। मेरा लंड किसी सांप की तरफ फुसकार रहा था अपने आप झटके ले रहा था मैं बैठा और आंटी के पैरो पर साबुन लगा दिया। आंटी बोली मेरी फूदी कौन साफ़ करेगा? मैं उनकी चूत पर साबुन मलने लगा आंटी की चूत क्लीन सेव थी मैं साबुन लगा कर उनकी चूत और गांड को रगड़ने लगा।आंटी खुद पर पानी डालने लगी और बोली मेरी फूदी को अच्छे से साफ़ कर, मैं पानी की गिरती धार से आंटी की चूत धोने लगा। आंटी मुझे खड़े होने को बोली और खुद बैठ कर बोली मेरे पास आना मोहित .. मैं आंटी के पास जा कर खड़ा हुआ और मेरा लंड आंटी के ओंठो को टच करने लगा। आंटी बोली मोहित अभी ये अच्छे से साफ़ नहीं हुआ है रुक मैं करती हूँ। आंटी मेरे लंड की चमड़ी पीछे करके लंड को चाटने लगी 2 मिनट बाद बोली मोहित मुझे पता है तेरा लंड क्यों खड़ा है, इस लंड की तरह मेरी चूत भी सालों से प्यासी है। तेरा अंकल शराबी है वो मुझे कभी संतुस्ट नहीं कर पाता तुझे पता है ना मैं तुझ से कितना प्यार करती हूँ, क्या तू अपनी प्यारी आंटी को प्यार करेगा ? मैं हा बोल कर आंटी को खड़े किया और उनके ओंठ चूसने लगा। आंटी बोली चल मेरे कमरे में चलते है।
मैं नंगा दौड़ता हुआ आंटी के कमरे में जार कर बेड पर लेट गया पीछे पीछे आंटी गांड हिलाते हुए आयी और मेरे ऊपर चढ़ गयी और मुझे चाटने लगी धीरे धीरे निचे गयी और मेरे लंड का लॉलीपॉप बनाकर चूसने लगी। मेरा बुखार पूरी तरह से ठीक हो गया था मैं पहले जैसा फील कर रहा था ये चुदाई की प्यास या फिर नहाने की वजह से हुआ था।आंटी मुझे बेड से उठा कर खुद लेट गयी और बोली चल मेरे राजा अपनी रानी की चूत चाट, मैं आंटी की चिकनी चुत को चाटने लगा थोड़ी देर चाटने के बाद आंटी बोली अभी मुझ से रहा नहीं जा रहा जल्दी से लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोद। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैं आंटी की चूत पर लंड रख कर धीरे से अंदर धकेला और लंड आधा चूत में चला गया आंटी की चूत टाइट थी मैं एक धीरे से झटका दिया और लंड पूरा अंदर चला गया। आंटी की चूत बहोत गरम थी। आज मुझे पहली बार चोदने का मौका मिला था,
मैं आंटी के ऊपर लेट गया और धीरे धीरे अपनी गांड हिला कर आंटी की चूत चोदने लगा।आंटी के बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने से दबे हुए थे और आंटी मेरी पीठ पकड़ कर मुझे जकड़ी हुई थी। मेरा जोश बढ़ा और मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा, आंटी मुझे अपने दांतो से काटने लगी और जोश से अह्ह्ह अहह अहह ओह्ह ओह्ह उईईई उम्म्म्म उम्मम्मम अह्ह्ह्हह और तेज चोद चोद और चोद और चोद चोद चोद डाल अपनी आंटी को बोलने लगी। थोड़ी देर चोदने से आंटी की चूत से पानी निकलने लगा आंटी बोली रुक पोजीशन चेंज करते है आंटी मुझे लेटने को बोली और मेरे ऊपर चढ़ गयी। मैं आराम से लेट गया आंटी उछाल उछाल कर चूत में लंड लिए चुदवा रही थी आंटी के बूब्स उछल रहे थे मैं बूब्स को दोनों हाथ में पकड़ कर दबाने लगा और आंटी की गांड पर नाख़ून गाड़ा दिया।आंटी मेरे ऊपर झुक गयी और बूब्स मेरे मुँह में डाल कर बोली निचे से धक्के दे माधरचोद ,
आंटी के मुँह से गाली मैं पहली बार सुना था मुझे और जोश बढ़ गया मैं भी गले देते हुए बोला हां मेरी रांड आज तेरी चूत की सारी खुजली मिटा दूंगा, साली रंडी देख कैसे गांड मारता हूँ तेरी।
मैं आंटी को घोड़ी बना कर उनकी गांड में तेल की बोतल से तेल भर दिया और पूरा लंड एक बार में जोर के धक्के से अंदर चला गया, आंटी बोली माधरचोद मेरी गांड चूत सब की सील खुली हुई है तू बस आराम से चोद मुझे। मैं आंटी की टाइट गांड में जोर जोर से धक्के मार रहा था तभी मेरा लंड झड़ने वाला था मैं लंड निकाल कर आंटी की चूत में डाल दिया और 4-5 धक्के के बाद उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया। उस दिन अंकल के आने तक आंटी और मेरी 3 बार चुदाई पूरी हुई। मम्मी पापा के आने तक चुदाई ऐसे ही हर दिन होती रही, मम्मी घर आयी तो चुदाई का मौका मिलना बंद हो गया। अब जब मम्मी कभी किसी के घर पूजा या फिर किसी काम से बाहर जाती है, मैं और आंटी पागलों की तरह एक दूसरे पर टूट पड़ते है और पूरी मस्ती से नंगे हो कर चुदाई करते है।
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