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नदी किनारे टट्टी करने आयी औरत को चोदा

मेरा नाम रघु है 26 साल का जवान मर्द हूँ, मेरी शादी नहीं हुई लेकिन गांव की बहुत सी लड़कियों को पटा कर चोदा हूँ। मेरा लंड 6 इंच लम्बा है और मोटाई इतनी है जिससे किसी का भी भोसड़ा फट सकता है। मैं बिहार के छोटे से गांव का रहने वाला हूँ। हमलोग अक्सर दोस्तों के साथ नदी किनारे घूमने जाते है नदी हमारे गांव से 8 किलोमीटर दूर है। एक दिन हम लोग तीन दोस्त बाइक पर घूमने निकले और नदी के पास बैठ कर बात कर रहे थे तभी हमे दूर से पहाड़ के कच्चे रास्ते से कुछ औरतें हाथ में लोटा लिए आती दिखाई दी । वो सब झाड़ियों में बैठ कर टट्टी करने लगी थोड़ी देर बाद चूतर धोने नदी पर आयी। उसमे से एक औरत बहुत खूबसूरत थी जिसकी गोरी चिकनी गांड मुझे दूर से दिखाई दे रही थी। सभी औरतें वहाँ से पहाड़ी के रास्ते वापस चली गयी। हम सभी दोस्तों ने ये नजारा देखा और खुस हो कर वापस अपने घर आ गए। कुछ दिन ऐसे ही निकल गए वो औरतें आती और टट्टी कर के चली जाती हम लोग देख कर रह जाते थे। एक दिन मैं उनकी गांव अकेले आया और जाते हुए वो औरत मुझे रास्ते में मिल गयी मैं उसको पूछा कहा जा रही हो चलो छोड़ देता हूँ , वो मना कर रही थी लेकिन मान भी गयी। मुझे से चिपक कर बैठ गयी उसका हाथ मेरे कन्धों पर था। मैं उसके बारे में पूछने लगा उसका नाम रूपल था, उसने बताया उसका पति शहर में नौकरी करता है और वो यहाँ अपने सास ससुर के साथ रहती है। मैंने उसको अपने बारे में बताया और हम लोगो की अच्छी बातचीत हुई। कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा मैं उसको पटा लिया और मिलने के लिए नदी किनारे बुलाया।
रूपल हाथ में पानी से भरा लोटा लिए टट्टी करने के बहाने मुझसे मिलने आगयी, मैं रूपल को लेकर नदी के किनारे चलते हुए आगे चला गया वहाँ पर कोई आने जाने वाला नहीं था जंगल एरिया था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम मैं रूपल को घास के ऊपर लेटा दिया और उसकी साडी खोल कर ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूचिया दबाने लगा रूपल बड़ी जल्दी जोश में आ गयी और मुझे अपने ऊपर खींच कर चूमने लगी। मैं समय बर्बाद किये बिना उसकी ब्लाउज उतार दिया रूपल की चूचियाँ गोल गोल और काले निप्पल थे मैं उसके काले दाने को मुँह में भर कर पिने लगा। रूपल जोश से मेर बाल खींचने लगी मैं रूपल के चूचियाँ छोड़ कर उसका नाडा ढीला कर साया उतार दिया रूपल अंदर नंगी थी। ज्यादातर गांव की औरतें ब्रा और चड्डी नहीं पहनती है। मैं उसकी चूत देखने नीचे झुका उसकी चूत बालों से ढकी हुई थी, 1 साल पुराना बालों का गुच्छा लग रहा था। मैं उसकी चूत फैला कर देखा अंदर लाल चूत दिख रही थी। मैं खुद को नंगा किया और रूपल को पकड़ कर पानी में ले गया घुटनो तक पानी में जाने के बाद रूपल को गोद में उठा लिया और धीरे धीरे कमर तक पानी में चला गया। रूपल को अपने तरफ किया और लंड के ऊपर बैठा कर धीरे से चूत पर लंड पेल दिया पानी के अंदर मेरा लंड उसकी चूत में आसानी से चला गया। पानी हल्का ठंडा था इसलिए और मजा आ रहा था रूपल मुझे पकड़कर चपकी हुई थी उसकी चूचिया मेरे सीने से दबे हुए थे। मैं धीरे धीरे रूपल को उछालने लगा और पानी के अंदर मेरा लंड उसकी चूत में अंदर बाहर होने लगा। मैंने स्पीड बढ़ा दी, पानी के अंदर चुदाई का अलग ही मजा था। जितनी बार मैं रूपल को अपने लंड के झटके से ऊपर नीचे करता उसकी गांड पानी से टकराती और सुरररप सररप सररप चापपप छप्प्प्प छप्पपपपप की आवाज आती थी।


अभी मेरा पीठ दर्द हुआ और मैं रूपल के चूत में लंड फसाये उसको अपनी गोद में लेकर काम पानी की जगह आ गया और आधा पानी और पत्थर के ऊपर सर रख कर लेट गया। रूपल को मेरे ऊपर बैठ कर चुदने के लिए बोला। रूपल मेरे लंड पर बैठ गयी और उछल कर चुदने लगी 10 मिनट मैं झड़ गयाऔर मेरा पूरा वीर्य रूपल की चूत से निकल कर पानी में बह गया। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम मैं और रूपल वही पानी में डूबे एक दूसरे की बाँहों में नंगे सोये रहे आधे घंटे बाद मेरा लंड खड़ा हो गया मैं रूपल को घोड़ी बना कर उसको पीछे से पानी के अंदर ले गया अब उसकी गांड पानी में डूबी हुई थी मैं रूपल के गांड मारने वाला था इसलिए अपना लंड पानी से बाहर निकाल कर ढेर सारा थूक लगा लिया और एक झटके में पानी के अंदर घुस कर रूपल की गांड में लौड़ा घुसा दिया रूपल उछल पड़ी हाय मर गयी कमीना हरामखोर मेरी गांड फाड़ दिया माधरचोद साला। मैं रूपला की गाली सुन कर थोड़ा शांत हो गया उसको दर्द काम होने के बाद रूपल खुद गांड हिलाने लगी, मैं 2 मिनट में पूरी स्पीड से उसकी चुदाई करने लगा रूपल अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अहह चोद रे माधार और चोद साले मेरे को चोदने आया है फाड़ मेरी गांड,, बोल कर रूपल पुरे जोश से चुदा रही थी। 7-8 मिनट गांड मारने के बाद मैं उसकी गांड से लंड निकाल कर उसके मुँह में डाल दिया और पूरा वीर्य उसके मुँह में छोड़ दिया रूपल वीर्य उगल कर पानी से कुल्ला करने लगी सायद उसको वीर्य का स्वाद अच्छा नहीं लगा। चुदाई के बाद हम दोनों नदी के पानी में साथ नंगे नहाये और वापस अपने अपने घर चले गए। उस दिन के बाद मैं पुरे 1 महीने तक नदी किनारे जाता था। कभी पहाड़, कभी झाड़ियों और नदी के पानी में उसकी चुदाई करता। उसके बाद मैं उसकी चूत से ऊब गया और नयी चूत तलाश में निकल पड़ा हूँ।

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