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बहन ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चुत में डाल दिया

हेल्लो दोस्तों मैं भुवन, मेरी बहन रेखा पड़ोस के एक आवारा लड़के से फसी हुई थी। वो लड़का हर दिन मेरी बहन की चूत मारता था। एक सेक्स विडियो मेरे मोबाइल पर आया तो मैं बहुत खुश था की चलो एक मस्त ब्लू फिल्म का विडियो देखने को मिला पर बाद में मैंने देखा की वो मेरी ही बहन रेखा का चुदाई विडियो था। उसमे रेखा का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था, मैं उसके गले की लॉकेट देखकर उसे पहचान गया। उसे देखकर मेरा खून खौल गया था। मैंने रेखा को वो विडियो दिखाया और समझाया की वो लड़का अच्छा नही है। पर रेखा समझी ही नही। वो रोज किसी न किसी बहाने से घर से निकलती और उस लड़के से मिलती। इस तरह मेरी जवान और चुदासी बहन ने 3 बार उस आवारा लड़के के साथ भागने की कोशिश की पर हम लोगो ने उसे पकड़ लिया। उस दिन जब रात हुई तो मैंने रेखा के कमरे में गया। “रेखा बोल तू क्यों करती है ऐसा। क्यों हम लोगो की इज्जत उछालने पर लगी है??? क्यों उस लड़के से बार बार मिलती है???” मैंने पूछा
“भैया मुझे उसका लंड खाना बहुत पसंद है। मुझे चुदाई का नशा हो गया है। जिस दिन मैंने चुदती नही हूँ मुझे अजीब सी बेचैनी होती है। अगर रोज मुझे मोटा लंड खाने को मिल जाया करे तो मैं आपसे वादा करती हूँ की मैं दुबारा उस लड़के से नही मिलूंगी” रेखा बोली
दोस्तों वो 23 साल की जवान लड़की थी। बहुत खूबसूरत थी। उसका जिस्म भरा हुआ था। देखने में वो बिलकुल परी लगती थी। रेखा का फिगर 34 28 32 का था। जब भी वो बजार जाती थी लड़के उसे पलट पलट के देखते थे। फिगर छरहरा और बिलकुल फिट था। मेरे घर के आसपास के लकड़े उसे माल, सामान, आईटम, टोटा और ना जाने क्या क्या बुलाते थे। जब वो घर से बाहर निकलती थी तो वो चौराहे पर खड़े रहते थे। उसका ही इन्तजार करते रहते थे। उसे बार बार पलट पलट कर देखते थे। रेखा अच्छी तरह से जानती थी की वो उसे बहुत पसंद करते है, उसके मस्त मस्त मम्मे वो पीना चाहते है और उसकी रसीली बुर वो चोदना चाहते है। रेखा की एक एक मुस्कान पर कितने लड़कों का क़त्ल हो जाता है और उनका दिल उछलकर बाहर आ जाता था।
सब उससे बात करना चाहते थे और बस मिलने का कोई बहाना ढूँढना चाहते थे। वो उससे बार बार फोन और व्हाट्सअप नॉ मांगते थे, पर रेखा मना कर देती थी। सभी उसे बस एक बार जी भर के चोदना और खाना चाहते है। ये बात उसे मालुम थी। जब मैंने अपनी सगी बहन की बात सुनी तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी। मेरे घर के सभी लोग सो गये थे। इस समय रात के 12 बजे थे। रेखा को नींद नही आ रही थी। चूत की आग उसे सोने नही दे रही थी। उसे चुदाई की बहुत जोर की तलब लगी थी।
“भैया प्लीस मेरे लिए किसी मोटे लंड का इंतजाम कर दो वरना मुझे नींद नही आएगी” रेखा बोली।   
दोस्तों मेरा लंड उसी समय खड़ा हो गया। मैंने दरवाजे में अंदर से कुण्डी लगा दी। अपने कपड़े निकाल लिए। कोई बाहर का मर्द मेरी जवान बहन की चूत का भोग क्यों लगाये। क्यों ना मैं ही अपनी जवान बहन की चूत में लौड़ा दे दूँ और इस कुतिया की रंडी की तरह चोदू मैंने सोचा। फिर मैंने अपनी टी शर्ट और जींस उतार दी। रेखा खुश हो गयी। मैं खड़ा हो गया।
रेखा ने मेरे अंडर वियर को नीचे खींच दिया और मेरे लौड़े को फेटने लगे। दोस्तों जिस तरह से वो मेरे मोटे लंड को जल्दी जल्दी घुमा घुमाकर फेट रही थी उससे पता चल रहा था की मेरी जवान और चुदासी बहन को लौड़ा खाने की अच्छी ट्रेनिंग मिली है। मुझे कुछ बताना नही पड़ा। वो सब काम अपने आप कर रही थी। वो फर्श पर अपने घुटनों पर बैठ गयी और जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को फेटने लगी। आज मैं अपनी जवान बहन को चोदने चोदने जा रहा था। फिर वो खुद ही अपने चेहरे पर मेरा 6” के लंड से थपथपाने लगी। दोस्तों मेरा लंड उसके पुरे चेहरे के जितना लम्बा था। मुझे भी सेक्स की भूख लग चुकी थी। मैंने रेखा के गले को पकड़ लिया और उसके चेहरे को मैंने अपने मोटे लंड से कई बात पीटा। उसके बाद उसने जल्दी से मेरे लंड को मुंह में भर लिया और चूसने लगी। आह आह उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ…. मैं आवाज निकालने लगा। दोस्तों उसके बाद तो मेरी चुदक्कड़ बहन ने जल्दी जल्दी मेरे लंड को मुंह में अंदर और बाहर करना शुरू कर दिया।मुझे बहुत आनंद की प्राप्ति हो रही थी। बहुत अच्छा लग रहा था। रेखा लंड को गले तक निकल जाती थी। मैंने उसके सिर को पकड़ कर अंदर तक चूसा देता था। कई कई बार तो मैंने 2 -2 मिनट तक लंड को उसके मुंह से निकलने नहीं देता था। फिर वो अचानक से अपनी साँस छोड़ती थी। मुझे बहुत अच्छा लगता था। मैं अपने घर में रेखा के कमरे में था और उससे लंड चूसा रहा था। एक बार फिर से वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को फेटने लगी और चूसने लगी। उसके द्वारा मुख मैथुन से मेरा लौड़ा कड़ा हो गया था। फिर रेखा ने मेरी दोनों गोलियां चूसी और मुझे भरपूर मजा दिया।
उनके बाद मैंने अपना कच्छा जो मेरे पैरों में फंसा था निकाल दिया।
“चल छिनाल नंगी हो जा” मैंने कहा
रेखा ने अपना टॉप और स्कर्ट निकाल दिया। अपनी ब्रा और पेंटी उनसे खोल दी। उसके बाद वो बिस्तर पर लेट गयी। मैंने उसके उपर चढ़ गया। उसके मम्मे बेहद खूबसूरत थे। इतनी हरी भरी छातियों को देखकर मेरे मुंह में पानी आया था। मैंने रेखा की उफनती छातियों को हाथ में ले लिया और तेज तेज दबाने लगा। रेखा “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की सिस्कारियां लेने लगी।
उसकी चूचियां बहुत ही भरी हुई थी। मेरा तो देखकर ही दिमाग खराब हो गया था। मैंने बड़ी देर तक उसके गोलों पर जीभ लगाई। फिर मैंने रेखा की बायीं चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा। ओह्ह गॉड!! कितना मजा आया मुझे। मैंने उसकी चूची को पूरा अंदर तक मुंह में ठूस लिया और तेज तेज चूसने लगा। रेखा भी मजे लेकर चूसा रही थी। मैं अपना मुंह चलाकर उसके दूध पी रहा था। रेखा इतनी चुदासी हो गयी की खुद ही अपने सीधे हाथ से जल्दी जल्दी अपनी चूत को सहलाने लगे। वो चुदने को पागल हो रही थी। वो भी मेरी तरह जवान थी और आज कसके चुदना चाहती थी। मैं रेखा के बूब्स को कस कसके दबाता और चूसता। वो बार बार अपनी चूत में ऊँगली करती। हम दोनों ने भरपूर मजा लिया। मैंने आधे घंटे तक उसकी चूची चूसी और निपल पर दांत से काट भी लिया। 
रेखा का पतला सेक्सी पेट मेरे सामने था। उसकी एक एक गोरी पसली चमक रही थी। बीच में जहाँ पर पेट और नाभि होती है वहां काफी गहराई थी। मेरी बहन चोदने और बजाने के लिए एक परफेक्ट आइटम थी। मैं उपर से उसके पेट को बीचो बीच किस करने लगा और नीचे की तरह बढ़ने लगा। उफ्फ्फ्फ़…..क्या मस्त माल थी वो। मैं दांत से उसके पेट की खाल को काटकर खीच लेता था। कितनी मुलायम त्वचा थी उसकी। मेरे दांत से काटने पर वो कराहने लग जाती थी। “आई…..आई….. अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा.” इस तरह की आवाजे वो निकालने लग जाती थी। मैं हाथ से रेखा की जांघे सहला रहा था। धीरे धीरे उसके पेट को चूमते हुए मैं उसकी बड़ी ही गहरी नाभि तक आ गया। रेखा की सेक्सी नाभि देखकर मेरा तो होश खराब हो रहा था। फिर मै उसकी नाभि को अपनी जीभ से छेड़ने लगा और पीने लगा। वो मचलने लगी।
“भैया …..आराम से” वो बोली
मैं तेज तेज किसी कुत्ते की तरह उसकी नाभि चाटने और पीने लगे। रेखा बहन कांपने लगी और उनका जिस्म थरथराने लगा। फिर मैं जोर जोर से उसका चूत का दाना घिसने लगा और उसकी रसीली चूत में लंड अंदर बाहर करने लगा। रेखा उतनी ही मस्त होने लगी। वो अपनी कमर उठाने लगी। उसको जैसे मदहोसी छा रही थी। वो अपने दूध को खुद अपने हाथो से जोर जोर से दबाने लगी और अपने मम्मे अपने मुँह की तरफ झुकाकर खुद जीभ से चाटने लगी। ऐसा करते हुए वो एक परफेक्ट चुदासी कुतिया लग रही थी। मैं जल्दी जल्दी रेखा को चोद रहा था। आह दोस्तों, बहुत मजा आ रहा था। मैं इस समय जैसे जन्नत में पहुच गया था। बहन मुझे अभूतपूर्व सुन्दरी लग रही थी। उसने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर में लपेट दी और दोनों हाथ मेरी पीठ में डाल दिए और मस्ती से “उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ…ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी.. हा हा हा…”करके चुदवाने लगी। उसकी ये नशीली चीखे सुनकर मैं वासना का पुजारी बन बैठा था। मेरे अंदर का शैतान जाग चुका था। मेरी आँखे सेक्स और वासना से एकदम लाल और क्रुद्ध हो गयी थी। हम दोनों लेटकर काण्ड कर रहे थे। उसकी चूत बड़ी भरी हुई थी लाल लाल थी। जैसी कोई रसीली चाशनी वाली गुझिया मैं खा रहा था। मेरा लंड जल्दी जल्दी उसकी दुग्गी में फिसल रहा था। मुझे किसी तरह की कोई दिक्कत नही हो रही थी उसकी फुद्दी मारने में।मैंने उसे बाहों में भर लिया और एक बार फिर उसके रसीले होठ चूसने लगा। नीचे मेरा लौड़ा अपने काम पर लगा हुआ था और फट फट रेखा की बुर को चोद रहा था। रेखा बार बार चिल्ला देती थी। मुझे उसकी सिस्कारियां बहुत मीठी लग रही थी। जितना तेज वो चिल्लाती थी, उतनी तेज मैं उसे गच्च गच्च पेल रहा था। हम दोनों की मस्त ठुकाई चल रही थी। मुझे किसी बात का डर नही था। चलो आज मेरा उसे चोदने का सपना तो पूरा हो गया। मैं अपनी बहन के रसीले होठ पीता रहा और उसे फटाफट पेलता रहा। उसकी चूत अच्छे से चुद रही थी और मेरे लौड़े में उसका रस अच्छे से लग चुका था। 
मैंने 20 मिनट रेखा को उसके रसीले होठ चूसकर चोदा और नॉट आउट रहा। फिर मैं नीचे आ गया और उसकी छलकती और मचलती मुसम्मियों को मुंह में लेकर चूसने लगा। सच में मैं बहुत किस्मत वाला था जो रेखा जैसी मस्त माल को आज चोदने का सुअवसर आज मुझे नसीब हुआ था। मैं अपनी बहन रेखा की मुसम्मी पीते पीते उसे बजाने लगा। धीरे धीरे हम दोनों का वेग चरम सीमा को पार करने लगा। रेखा …उंह उंह हूँ—हूँ… हूँ हमममम अहह्ह्ह्हह—अई…अई…अई…” करके चिल्ला रही थी। ये मेरी मेहनत की आवाजे थी वो रेखा निकाल रही थी। आज तो जैसे मुझे जन्नत मिल गयी थी। रेखा ने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने गोल गोल लपलपाते चुतड़ वो उठाने लगी। मैं कमर मटका मटकाकर उसे पेलने लगा। आधे घंटे बाद वो मेरे साथ ही झड़ गयी। अपनी बहन की चूत मारकर मेरी जिन्दगी स्वर्ग सी हसीन बन गयी थी।

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