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भांजे ने चोदकर मेरी प्यास बुझाई

मैं मधु श्रीवास्तव बाँदा जिला में रहती हूँ। मेरी उम्र 35 साल है। मेरी फिगर 40,36,42 है। मैं सरकारी स्कूल में अध्यापिका हूँ। मै जब बच्चों को पढ़ाती हूँ। तो वो मेरे उभरे हुए मम्मे को देखते रहते हैं। मै जब बोर्ड पर कुछ लिखती। तो वो मेरे टाइट ब्रा को देखते रहते थे। ये बात मुझे मेरी साथ की दूसरी मैडम ने बताया। मेरे मम्मे बड़े बड़े जैसे बेल लगते है। मेरी गांड बाहर की तरफ काफी निकली है। मुझे मेरी साथ के सभी अध्यापक चोदना चाहते हैं। लेकिन मैंने कभी किसी को अपनी चूत को चोदने का मौका नहीं दिया। मेरी चूत ने अभी दो ही लंड खाये हैं। एक मेरी पति और दूसरी मेरी भांजे की खायी है। मेरी चूत में हमेशा ही चुदने की खुजली होती रहती है। मैं अपनी चूत की खुजली को उंगलियों से बुझती हूँ। मेरी पति ज्यादा बाहर ही रहते हैं। शादी की कुछ दिन बाद ही वो बाहर चले गए थे। अब तक उन्होंने मुझे एक बच्चे की माँ बना दिया है। पहले वो मुझे खूब चोदते थे। लेकिन अब मैं अकेली ही घर पर सिर्फ उँगलियों से अपनी चूत की प्यास बुझती थी।मैं आपका ज्यादा समय नष्ट करके अपनी जीवन की सच्ची कहानी बताती हूँ। 
दोस्तों बात 2015 की है। मेरा भांजा आकाश मेरे घर आया था। वो दिल्ली से MBA कर रहा है। बहुत दिन बाद आया था। सबके बारे में बात चीत हुई। वो ज्यादा खूबसूरत तो नहीं है। लेकिन उसकी बॉडी बहुत ही जबरदस्त है। मै मचल रही थी। उससे चुदवाने के लिए। मैंने उसे कुछ दिन रूकने को कहा। लेकिन बहुत मनाने पर वो मान गया। हम लोग शाम को बाज़ार गए। मेरा बेटा जय देव उससे 3 साल छोटा है। वो भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढता है। मेरी सास ससुर बाहर कमरे में खाना खा के लेट गए। आकाश भी हमे बहुत कातिलाना नजरो से देखता था। जब मैं बाजार से आ रही थी। तो मेरा पर्स गिर गया। मै उठाने लगी तो उसने मेरे उभरे हुए। बड़े बड़े चुच्चों के दर्शन करना चाहा। मैं भी और झुक गई। मन में कहा कर ले बेटा चूचियों के दर्शन। तुझे तो मैं चूत का भी दर्शन कराऊंगी। कुछ देर बाद मैने उसे मुठ मारते देखा। वो मुठ मार कर जब आया। तो मैंने उसे अपने पास लेटने को कहा। उसने पास के बिस्तर पर लेटने को कहा। तो मैंने उसे कहा छोटा था। तो मेरे पास ही लेटता था। अब बड़े हो गए। तो मेरे पास नहीं लेटोगे। वो आकर मेरे बिस्तर पर लेट गया। मै भी चुदासी थी। जल्द ही जाकर बिस्तर पर लेट गई। मेरी चूत में हलचल मच रही थी। मुझे नींद नहीं आ रही थी। वो भी करवटे बदल रहा था। उसका लंड खड़ा था।
करवट बदलते समय उसका लंड मेरी गांड में लग रहा था। वो भी मुझे चोदने के लिए परेशान था। रात के 1 बज गए। उसने अपना पैर उठा के मेरी गांड के ऊपर रख दिया। मै चुपचाप सब करवाती रही। मैंने भी बहुत दिन हो गया था। चुदाई नहीं की थी। मुझे भी चुदवाने का बहुत मन कर रहा था। मैंने भी करवट ली और अपना चूत उसके लंड के करीब कर दिया। सोने का नाटक करने लगी। उसने मेरी गुलाबी होंठों को देख रहा था। कुछ देर बाद उसने अपना होंठ मेरे होंठ पर रख दिया। चुपके से धीरे से किस किया। मैंने कुछ नहीं बोला। वो दो तीन बार किस करके बेफिक्र हो गया। उसे लगा की मैं गहरी नींद में सो रही हूँ। उसने मेरे होंठो को और जोर से किस करने लगा। उसने अपनी आँखे बंद कर ली। अब वो मुझे जोर जोर से किस कर रहा था।
मै भी गर्म हो रही थी। लेकिन सोचा कुछ आगे तक इनका प्रोग्राम बढ़ने दूं। मैंने अपनी चूत को और आगे करके उसके लंड से चिपका दिया। वो मेरी होंठों को चूसते हुए। अब वो मेरी बूब्स को मक्स्ल रहा था। फिर भी मैं चुपचाप रही। मुझे बहुत मजा आ रहा था। अब वो मेरी बूब्स मक्खन जैसी बूब्स को दबाकर उसका भरपूर आनंद ले रहा था। किस करते हुए उसने अपने पैजामे से लंड को निकाल कर मुठ मारने लगा। मैंने भी उसे किस किया। वो चौंक कर हट गया। और अपना लंड फिर से अपने पैजामे में डाल लिया। मैंने अपना हाथ उसके पैजामे पर रख दिया। उसका लंड सहलाती रही। मैंने उसे कहा- सिर्फ किस ही करोगे। आज तुम अपनी मामी के साथ सेक्स करो। उसने न बोल दिया। मैंने उसे राजी कर लिया। मैंने कहा आज तुम अपने मामी को सेक्स का भरपूर आनन्द दो। मैंने उसका लंड पकड़कर दबा लिया। वो डर गया। उसे लगा मै मजाक कर रही हूँ। मैंने उसका लंड पकड़ कर अपने टांगो को उठाकर उसके ऊपर रख दिया। मै भी अब उसे किस करने लगी। कुछ देर तक तो वो खामोश रहा। फिर उसने मुझे जोर से पकड लिया। अब वो भी किस करने लगा।
अब वो मेरी गुलाबी होंठ को ऐसे चूस रहा था। जैसे वो कोई आम चूस रहा हो। उसने मेरी होंठो को चूस चूस के और लाल कर दिया। मैंने भी उसे खूब किस किया। वो मेरी बूब्स को दबा रहा था। मेरी बूब्स बड़ी थी। उसके हाथों में न आने के कारण वो सिर्फ मेरे निप्पल को ही समीज के ऊपर से दबा रहा था। जब वो मेरी निप्पल को दबाता तो मेरी मुँह सर सी सी सी ई ई ई की आवाज निकल जाती थी। मै कहती और दबा अपनी मामी की बूब्स को। आज सारा रस निकाल ले उसकी चूंचियों से। वो और जोर से दबाने लगता। मै भी उसका लंड सहला कर खड़ा कर दि। उनका बाहर निकलने को बहुत बेकरार था। लग रहा था पैजामे को फाड़ ही डालेगा। मैंने उसके पैजामे का नाड़ा खोला। उसका लंड बाहर निकाल कर मुठ मारने लगी। वो अपनी काम में जुटा रहा। वो मेरी बूब्स के साथ ही खेलता रहा। उसने मुझे बैठाया। मेरी समीज निकाल कर उसने मुझे सिर्फ ब्रा में कर दिया। अब वो मेरी ब्रा में हाथ डाल कर मेरी मम्मो को दबाने लगा। उसने मुझे करवट करके मेरी ब्रा पर किस करते हुए। उसने मेरी ब्रा निकाल दी। अब वो मुझे अपनी तरफ करके। मेरी चूंचियों को पीने लगा। चूँचियों को पीता रहा। मेरी निप्पल को काट रहा था। जब भी वो मेरी निप्पल काटता था। मै उसके लंड को जोर से दबा देती थी। उसको भी अब मेरे साथ बड़ा मजा आ रहा था। वो मेरी चूंचियों को पी पीकर दबा रहा था। मैंने भी अब उसके लंड को हिलाना शुरू किया। उसका लंड अब 8.5 इंच का हो गया था। मै तो देख के चौक गई। पहले तो इसका लंड बहुत छोटा था। अब कितना बड़ा और मोटा हो गया है। मैं उठी और उसका लंड चूसने लगी। मई उसके लंड को आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। उनका लंड काला था। लेकिन उनका ऊपर का हिस्सा गोरा था। मैंने उसके लंड को मुँह में बहुत अंदर ले जाती। उसका लंड टाइट हो गया। बिल्कुल रॉड की तरह हो गया। उसका गरम गरम लंड अपने मुंह में रख कर बहुत अच्छा लग रहा था। उसके नसें उभरी हुई दिख रही थी। मेरी भी चूत में आग लगी हुई थी। उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोला। सलवार को बड़े ही आसानी से सरकाते हुए नीचे कर दिया। मई उसका लंड चूस रही थी। वो मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत की खुशबू को सूंघ रहा था। वो मेरी पैंटी सहित चूत में उंगली कर रहा था।
उसकी उंगली पर मेरी पैंटी कॉन्डोम की तरह लिपटी थी। मैंने उसके सुपारे को चूस चूस कर गुलाबी कर दिया। अब वो भी जोश में आ गया। मैंने उसे चूत चाटने को कहा। वो मेरी पैंटी को एक हाथ से पकड़कर किनारे किया। वो मेरी चूत चाटने लगा। अपनी जीभ मेरी चूत पर चलाने लगा। मेरी चूत को वो अब चाट रहा था। मेरी चूत अब गीली हो चुकी थी। क्योंकि मैं झड़ गई। उसने मेरी चूत के रस को चाट रहा था। वो अपनी जीभ को अंदर तक मेरी चूत में डालकर सारा रस चाट गया। मेरी पैंटी को उतार कर मेरी चूत के अच्छे से दर्शन किये। वो भी मेरी साफ साफ चूत को देख कर बौखला रहा था। अब वो मेरी चूत को सही से चाटने लगा। बीच बीच में वो मेरी चूत के दाने को काट रहा था।
मै सिमट जाती जब वो मेरी चूत के दाने को काटता था। मैं कहने लगी- आह चाट मेरी छूट को और जोर से। आज इसका सारा माल तुम्हे पीना है। काट ले मेरी चूत को चूस मेरे चूत के पंखुड़ियों को। वो मेरी चूत के एक एक पंखुड़ी को बारी बारी से चूस रहा था। उसने मेरी चूत को चूस चूस कर लाल कर दिया। मै बहुत गरम हो चुकी थी। मेरी चूत भी अपना पानी छोड़ रही थी। मै अब उसके लंड को चूत में डालने के लिए बेकरार थी। वो मुझे तड़पा रहा था। वो मेरी चूत को चाटता रहा। मैंने अब उसका सर पकड़कर अपनी चूत में चिपका दिया। मेरी चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैं उसके लंड को पकड़कर दबाने लगी। मै भी उनके लंड को जोर जोर से हिला कर मुठ मारने लगी। उसके लंड ने भी थोड़ा सा पानी छोड़ा। मैंने उसे चाट लिया। मैंने उसका लंड अपने चूत की तरफ करने लगी। वो समझ गया कि अब मामी चुदने वाली है। उसने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रख कर रगड़ने लगा। वो अपने लंड को रगड़ता ही जा रहा था। मेरी चूत चुदवाने को मचल रही थी। उसने लंड को रगड़कर मेरी चूत में डाल दिया। मेरी बहुत दिनों बाद चुद रही थी। इसलिए वो थोडा टाइट हो गई थी। मेरी मुँह से सी सी सी ई ई ई ई उह की आवाज निकल गई। अब वो मुझे चोदने लगा। मुझे इतने दिनों बाद चुदवा के बाद मजा आ रहा था। मै भी उछलने लगी और मेरी मुँह से “उ उ उ उ उ——अअअअअ आआआआ— सी सी सी सी—– ऊँ—ऊँ—ऊँ—-”
” की आवाजों से पूरा कमरा भर गया। मै उसे और जोर से कहके उनकी चोदने की स्पीड को बढ़वा रही थी। मै उसे गालियां देकर चुदाई करवा रही थी। मै कह रही- “—अई—अई—-अई—-अई—-इसस्स्स्स्स्स्स्स्——उहह्ह्ह्ह—–ओह्ह्ह्हह्ह—-चोदोदोदो—मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो” फाड़ डालो आज मेरी चूत को। बुझा दो आज मेरी चूत की प्यास को। वो भी अपनी स्पीड बड़ा के बोल रहा था। लव साली मेरी रंडी मामी आज मैं तेरी चूत को फाड़ कर आज इसका भोषडा बना दूंगा। तू भी मेरे लौंडे से की इस चुदाई को याद रखेगी। मुझे वो अब और जोर जोर से चोद रहा था। मै भी खूब जोर जोर से उछल उछल के चुदवाने लगी। वो मेरी चूत को फाड़ता रहा। वो मेरी मम्मो को बहुत तेजी से दबा रहा था। उसका गरम लंड को मेरी चूत ने अपने पानी से नहला दिया। अब उसका लंड और तेजी से चोदने लगा। मेरी चूत का रस अब तेल का काम कर रही थी। मेरी चूत से अब छप चप छप छप की आवाज आने लगी। मै कब तक कई बार झड चुकी थी। उसका लंड अब भी वैसे ही चुदाई कर रहा था। मेरी चूत झड़ कर ढीली हो गई। उसने मुझे कुतिया बनाकर मेरी चूत में लंड को डाल दिया।
वो मेरी कमर पकड़ कर मुझे जोर जोर से चोदने लगा। उसका लंड मेरी चूत को लगातार फाड़ता रहा। उसने अपना भीगा हुआ लंड चूत से निकालकर मेरी गांड के छेड़ पर रख दिया। मैंने उसे गांड मारने से मना किया। लेकिन वो नही माना उसने अपने लंड पर थूक लगाकर गांड में डाल दिया। मेरी तो गांड फट गई। उसका इतना मोटा लंड मेरी गांड को फाड़ दिया। मै जोर से चीखने लगी। वो मेरी गांड धीरे धीरे मारने लगा। कुछ देर बाद दर्द थोड़ा कम हुआ। तो मुझे भी गांड मरवाने में मजा आने लगा। उसने अपना पूरा लंड अब मेरी गांड में डाल कर अंदर बाहर कर। मेरी गांड मारने लगा। मै भी गांड मटकाने लगी। अब वो और जोर से मेरी गांड मारने लगा। मै कहती रही आज तू मेरी गांड भी फाड़ डाल। आह आऊ—–आऊ—-हमममम अहह्ह्ह्हह—सी सी सी सी–हा हा हा–” और जोर से पेलो मेरी गांड में। फाड़ मेरी गांड तेरी माँ की चूत फाड़ मेरी गांड।अब वो और तेजी से अपना लंड चलाने लगा। वो भी अब झड़ने वाला धीरे धीरे होने लगा था। उसने अपनी स्पीड खूब तेज कर ली। अब मुझे लगने लगा ये सच में आज मेरी गांड फाड़ डालेगा। वो अब जोर जोर से साँसें छोड़ के मेरी गांड को धक्के पर धक्के मारने लगा। उसका लंड अब और भी गर्म हो गया था। उसने अपने लंड को पूरा अंदर बाहर बहुत तेजी से करने लगा। मई भी अब तक थक चुकी थी। लेकिन वो जोश में होने के कारण अब तक पेल रहा था।अब वो झड़ने वाला हो गया। उसने जल्दी से अपना लैंड निकाल कर मेरी मुँह में डाल दिया। वो मेरी मुँह में मुठ मारने लगा। कुछ देर मुठ मारने के बाद वो मेरी मुँह में ही झड़ गया। मेरी मुँह को उसने अपने लंड के रस से लबालब भर दिया। मै उसका सारा रस पी गई। अब वो भी थक कर मेरी ऊपर ही लेट गया। उसने उस रात कई बार मेरी चुदाई की। कुछ दिन रूक कर वो मुझे मेरी पति की तरह रहकर मुझे चुदाई का आनन्द देता रहा। अब जब भी वो आता है। 2 ,3 दिन रूक कर मेरी चुदाई करके ही जाता है।

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