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दोस्त ने अपनी खूबसूरत बीबी की चूत दिलाई

मेरी बीबी को मरे 6 साल हो चुके थे। उसे निमोनिया हो गया था और उसकी मौत हो गयी। मेरे कोई बच्चा भी नही था। मेरी बीबी के गुजरने के बाद मेरे पापा, मम्मी और घर में सब लोग मुझसे दूसरी शादी करने को बोल रहे थे। पर मैं अपनी पहली बीवी आयशा को बहुत प्यार करता था। उसके साथ बिताये वो पल मुझे पागल करते थे। हमेशा उसकी याद आती रहती थी। इसलिए मैंने शादी नही की और अब 6 साल बीत चुके थे। धीरे धीरे अब मुझे चूत की तलब लगने लगी थी। काश कोई हसीन औरत की चूत मिल जाए तो कितना अच्छा हो। मैं रोज यही सोचता था। एक दिन मैं अपने खास दोस्त गौरव के पास गया।
“और अर्जुन कैसा है???? कितने दिनों से तू घर नही आया??” गौरव ने सवाल किया
“क्या बताऊं यार!! चूत की बड़ी तलब लग रही है। काश कोई खूबसूरत औरत की रंगीली चूत मारने को मिल जाती तो मजा आ जाता” मैंने कहा
“तो बे शादी क्यूँ नही कर लेता????” गौरव ने कहा
“नही बे! शादी नही करूँगा। बस ऐसी ही काम चलाऊंगा” मैंने कहा
“ठीक है तेरे लिए मैं किसी चूत का जुगाड़ करता हूँ बे” गौरव बोला
दोस्तों उसने कई लड़कियों से बात की पर सब की सब अपने बॉयफ्रेंड्स से फसी हुई थी और उनसे ही अपनी चूत की रिपेरिंग करवाती थी। इस तरह एक महीना निकल गया। इधर मुझे कई बार मुठ मारनी पड़ी। मैंने अपने कॉलेज की कि लड़कियों से बात की पर सब की सब अपने बॉयफ्रेंड्स से फसी हुई थी। एक दिन मेरे ख़ास दोस्त ने मेरे लिए अपनी बीवी भारती से मेरे लिए से बात की। भारती एक बहुत ही खूबसूरत औरत थी। उसे सेक्स बहुत पसंद था। वो सेक्स और चुदाई के मामले में काफी खुली हुई थी। गौरव उसे हर रात नंगा करके उसकी चूत बजाता था। बिना चुदे भारती का काम ही नही चलता था।
“डार्लिंग!!! वो मेरा दोस्त है अर्जुन, उसे चुदाई की तलब बहुत जोर की लगी है। पर कोई लड़की ही नही मिल रही है। तुम उसको चूत दे दोगी???” गौरव ने अपनी बीबी से पूछा तो वो चुदने को राजी हो गयी। असल में भारती की नये नये लंड खाना बहुत पसंद था। वो सेक्स और ठुकाई के मामले में खुले हुए विचार की थी। मेरा दोस्त गौरव भी काफी खुला था सेक्स के मामले में। उसकी बीबी मुझे चूत देने को राजी हो गयी थी। गौरव का मेरे पास फोन आया की अगले दिन रात 9 बजे मैंने उसके घर पहुच जाऊं। दोस्तों ये खबर सुनकर मैं बहुत खुश था। मैंने तुरंत अपनी सारी लम्बी लम्बी झांटे बना ली। पिछले 6 साल से मैंने अपनी झाटे नही बनाई थी। अगले दिन का मैं बेताबी से इन्तजार कर रहा था। जैसे ही दिन निकला मैं मेंस पारलर चला गया। वहां मैंने अपने बाल कटवाए और मसाज करवाई।

अब मैं बिलकुल ऋतिक लग रहा था। रात को मैंने 9 मैं सफ़ेद शर्ट और जींस पहनकर टिप टॉप होकर अपने दोस्त गौरव के पास चला गया। मैंने उसे गले लगा लिया।
“भाई अपनी बीबी की चूत दिलाने के लिए शुक्रिया। भगवान करे सबको तेरे जैसा दोस्त मिले” मैंने कहा और अपने जिगरी दोस्त गौरव को गले लगा लिया
“भाई तू मेरी बीबी को मेरे सामने चोद” गौरव बोला
“नही यार तू वहां रहेगा तो कैसे मैं तेरी बीबी की रसीली चूत में लंड डाल पाउँगा” मैंने कहा
“अबे गांडू!! बात समझ। पिछले कई साल से मैं अपनी बीबी की चूत चोद रहा हूँ। पर आजतक उसे किसी गैर मर्द से चुदाते नही देखा है। प्लीस भाई मेरी ये फैंटेसी पूरी कर दे। मैं तेरे हाथ जोड़ता हूँ” गौरव बोला
“अच्छा अच्छा ठीक है। चल कमरे में चल” मैंने कहा
मैं अपने जिगरी यार दोस्त के साथ उसके बेडरूम में चला गया। हम दोनों ने ड्रिंक करना शुरू कर दिया। 2 – 2 पेग हम दोनों ने लगा लिए। उसके बाद गौरव की खूबसूरत बीबी कमरे में आ गये।वो काफी शर्म कर रही थी। भारती को मैंने अपने पास बिठा लिया और पीछे से उसे पकड़ लिया। फिर मैंने उसके गाल पर किस करने लगा। भारती भाभी काफी शरमा रही थी। आज वो मेरा मोटा 8” का लंड खाने वाली थी। फिर मैंने अपने दोस्त गौरव के सामने ही भारती को बाहों में भर लिया और किस करने लगा। उसने लाल रंग की नई साड़ी पहन रखी थी। मैंने भारती को अपनी गोद में बिठा लिया और बेड के सिरहाने से पीठ सटाकर मैं बैठ गया था। गौरव की चुदासी और चुदक्कड बीवी मेरी गोद में थी। मैंने अपने होठ भारती के सेक्सी और अनार जैसे होठो पर रख दिया। उसके बाद मैं उसके होठ चूसने लगा। मेरे दोस्तों गौरव को ये सब देख कर बहुत रोमाच हो रहा था। क्यूंकि आजतक उसकी बीबी को किसी और मर्द ने किस नही किया था। फिर भारती भाभी का पल्लू नीचे सरक गया और मुझे उसके ब्लाउस के दर्शन हो गये। लाल रंग का गहरे गला का ब्लाउस उन्होंने पहन रखा था। मुझे आधे आधे मम्मो के दर्शन हो रहे थे। भारती भाभी एक हसीन नगीना थी। इतनी खूबसूरत औरत मैंने आजतक नही देखी थी। मैं खुद को नसीबवाला समझ रहा था। मैंने काफी देर तक भारती के मम्मो को ताड़ा। उसके बाद मैंने उनके ब्लाउस के हाथ डाल दिया और दूध को छूने लगा। मेरे हाथों का स्पर्श पाते ही भारती भाभी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी।
दोस्तों मुझे बहुत सेक्सी फील हो रहा था। आज 6 साल बाद मैं किसी औरत की चूत मारने जा रहा था। फिर मैंने भारती भाभी के ब्लाउस में अंदर हाथ डाल दिया। बाप रे!! कितने मुलायम, सफ़ेद और मलाई जैसे दूध थे उनके। फिर मैंने हाथ से उनकी रसीली चूचियां दबाने लगा। भाभी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सेक्सी आवाज निकाल रही थी। मैंने फिर ने भारती भाभी को अपने उपर झुका लिया और उनके होठ पीने लगा। दोस्तों वो मेरी गोद में विराजमान थी। मेरा दोस्त मेरी सारी हरकत को ध्यान से देख रहा था। आज पहली बार उसकी खूबसूरत बीबी किसी गैर मर्द से चुदने जा रही थी। मैंने 10 मिनट तक भारती भाभी के सेक्सी होठो को चूसा। क्या उठे उठे सेक्सी होठ थे भाभी के।
“भाभी अपना ब्लाउस उतारो और अपनी रंगीन चूचियों के दर्शन कराओ” मैंने कहा। भाभी अपने ब्लाउस की बटन खोलने लग गयी। फिर ब्लाउस उतार दिया। अंदर उन्होंने लाल रंग की ब्रा पहनी थी। वो भी उतार दी। उसके बाद भारती भाभी की 38” की शानदार चूचियां ब्रा के बंधन से आजाड हो गयी थी। मैंने तुरंत उनके बूब्स पर हाथ रख दिया। दोस्तों मेरा 8” का मोटा लंड तुरंत खड़ा हो गया था। भारती भाभी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकालने लगी।
उसके बाद मैंने उनके खूबसूरत दूध दबाने शुरू कर दिए। दोस्तों आजतक इतनी मस्त हरी भरी चूचियां मैंने आजतक नही देखी थी। मैंने हल्के हाथों से भारती भाभी के दूध दबाने शुरू कर दिए। वो मजा करने लगी। उनको भी बेहद मौज मिल रही थी। उसकी चूचियां शायद दुनिया की सबसे खूबसूरत चूचियां थी। धीरे धीरे मेरे हाथ तेज हो गये थे। मैं तेज तेज भारती भाभी के मम्मे दबा रहा था। मुझे जन्नत जैसा महसूस हो रहा था। उन्होंने खुद अपने काले घने बाल खोल दिए थे।
खुले बालो में वो बहुत सेक्सी और हॉट माल लग रही थी। उसके बाद मैंने अपना मुंह उसके 38” की चूचियों के बीच में डाल दिया। मुझे बहुत सुख मिला। फिर मैंने उनकी दाई चूची को मुंह में भर लिया और अपने दोस्त गौरव के सामने चूसने लगा। गौरव तो मुझे एक तक ताक रहा था। मैंने भारती भाभी को बाहों में भर लिया था। उसकी पीठ बड़ी गोरी और गदराई हुई थी। भारती भाभी बड़ी जोर का माल थी। आज मैंने उनको उनके पति गौरव के सामने ही नंगा करके चोदने जा रहा था। मैं उनकी दाई चूची को चूस रहा था। ओह्ह्ह गॉड!! कितना मजा आ रहा था मुझे!! मैंने हाथ से उनकी बायीं चूची को दबा रहा था। कितने मुलायम और मस्त दूध थे उनके। भाभी के चूची पर काले काले गहरे रंग गोले थे निपल्स के चारो तरफ जो बहुत सेक्सी लग रहे थे। मैं तो जी भरके उन काले गोले को चूस रहा था। मुझे जन्नत जैसा महसूस हो रहा था।
उसके बाद मैंने 20 मिनट तक भारती भाभी को अपनी गोद में बिठाकर उसकी दाई और बायीं चूची को चूसा। मुझे अभूतपूर्व आनंद आया था।
“भाभी बताओ मैं आज यहाँ क्यों आया हूँ????” मैंने हंसकर पूछा
“मुझे चोदने” भाभी बोली
उसके बाद मैं हँसने लगा।
“भाभी चलो जल्दी से नंगी हो जाए। अब तुम्हारी चूत में लंड दूंगा” मैंने कहा
उसके बाद मैंने अपनी शर्ट जींस उतार दी। बनियान और कच्छा भी मैंने निकाल दिया। उधर गौरव की बीबी भारती भाभी ने अपनी साड़ी निकाल दी। फिर पेटीकोट का नारा उन्होंने खोल दिया। पेटीकोट निकाल पर उन्होंने अपनी पेंटी भी उतार दी। फिर वो बेड पर सीधा लेट गयी। उसके बाद मैंने उनके उपर लेट गया और उनके मम्मे फिरसे मैं चूसने लगा। गौरव हम दोनों को इश्क फरमाते देख रहा था। कुछ देर बाद मैने भारती भाभी के पैर खोल दिए। दोस्तों उनकी जांघ बहुत भरी भरी गोल मटोल और दूध जैसे सफ़ेद थी। बड़ी देर तक मैंने भाभी की खूबसूरत जांघ को सहलाता रहा और किस करना था। उसके बाद वो खुद चुदाने को तैयार थी। मैंने अपनी चूत पर अपना मुंह रख दिया और चूत पीना शुरू कर दी।
मैं भाभी की चूत को मजे लेकर पी रहा था और जैसे पूरा खा जाना चाहता था। वो भी पूरी तरह से चुदासी हो चुकी थी। धीरे धीरे मेरे होठो से उसके भोसड़े में कम्पन होने लगा और भाभी किसी सूखे पत्ते की तरह कांपने और फड़ फड़ाने। उनकी चूत पूरी तरफ से साफ और चिकनी थी। बड़ी गोरी चूत लग रही थी। एक भी झांट का बाल चूत पर नहीं था। सायद आज सुबह ही भाभी ने अपनी चूत को शेव किया था। इसलिए वो बहुत सेक्सी और कामुक लग रही थी। मेरी जीभ उनकी चूत को जल्दी जल्दी चाट रही थी। वो चरम सुख का अहसास कर रही थी।
उनकी जांघे खुल और बंद हो रही थी। वो जन्नत में उड़ रही थी। भाभी के मुंह से बस “आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाजे ही निकल रही थी। उनको मजा आ रहा था। हर औरत को अपनी चूत पिलाने में बहुत सुख मिलता है, ये बात मैं जानता था। इसलिए आज मैं भाभी को भरपूर मजा देना चाहता था। उसकी चूत धीरे धीरे अपने ही पानी से रसीली होने लगी और भाभी अपनी गांड उठाने लगी। अब वो पूरी तरह से गर्म हो गयी थी और चुदने को तैयार हो चुकी थी। कुछ देर बाद मैंने अपना लंड भाभी की चूत में सरका दिया और मजे लेकर चोदने लगा। मैं उनको पेलने लगा। घप घप करके मैं चोदने लगा। मेरे सबसे बेस्ट फ्रेंड गौरव की सेक्सी बीबी मुझसे चुदवाने लगी। भारती भाभी की आँखें योनी मैथुन के सुख से भारी होकर बंद हो गयी थी। सायद उनको बहुत मजा मिल रहा था।
‘मुझे पेलो की मेरी चुद्दी फट जाए…प्लीस और जोर से चोदो मुझे!!’ भाभी सिसकारी लेने लगी और कहने लगी। मैं गचा गच उसको पेलने लगा। उन्होंने मुझे दोनों हाथो से कसकर पीठ से पकड़ लिया और मेरी नंगी पीठ पर मेरी रीढ़ की हड्डी पर अपने नाख़ून गढ़ाने लगी। मेरी ख़ाल छिल गयी थी, खून निकला आया था। मुझे नंगी पीठ पर जलन साफ साफ़ महसूस हो रही थी। ये याद करने काबिल घटना थी। मैं सम्भोग के लिय आवश्यक पूरे जोश और ऐनर्जी में आ गया था। मैं जोर जोर से भाभी के भोसड़े में लौड़ा देने लगा। भाभी बिलकुल नंगी थी, उसके चिकने बदन पर कुछ नही था। मैं उनके जिस्म के सबसे संदेवनशील अंग का, उनकी बुर का भोग लगा रहा था। अपने मजबूत लौड़े से उसे कूट रहा था। मैं जोर जोर से भाभी को चोदने लगा। पूरा बेड चूं…चूं..करके हिलने लगा। मुझे डर लगा की कहीं टूट ना जाए। तेज तेज ताबड़तोड़ धक्को के बीच चूत पर कुछ देर तक बैटिंग करने के बाद मैंने अपना पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया।

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