Skip to main content

चूत का कर्ज़ – Antarvasna

जी हाँ, मेरी अभी तक की सब कहानियों को मेरे अनुसार लिखने वाला मेरा अज़ीज़ राज कार्तिक असल मेंमैं अपने साथ घटी हुई सारी चुदाई की दास्ताँ उसे सुनाती थी और वो कहानी लिखा करता था और ऐसे ही चुदाई की बातें करते करते हम एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आ गये थे और कई बार उसने फोन पर मेरे साथ चुदाई की बातें करते करते हम दोनों ने ही हस्तमैथुन भी किया है।वो मेरी कहानियाँ लिखता था, यह उसका बहुत बड़ा अहसान था मुझ पर और अब मेरा मन था कि मैंउसका यह क़र्ज़ इस तरह से चुकाऊँ कि वो खुश हो जाए ! और मैं उस पर अपनी सबसे अनमोल चीज़ यानि मेरी चूत उस पर न्यौछावर कर देना चाहती थी।मैं जयपुर से थी और वो दिल्ली से था, ज्यादा दूर नहीं था पर बस हम अभी तक मिल नहीं पाए थे। फिर मैंउसके पीछे पड़ी कि वो जयपुर आये क्यूंकि मेरा परिवार था, मैं दिल्ली नहीं जा सकती थी। और फिर एक दिन उसका फोन आया कि वो अपने काम के सिलसिले में जयपुर आ रहा है। मैं तो ख़ुशी के मेरे पागल ही हो गई लेकिन जब उसने अपने आने का दिन बताया तो मेरी ख़ुशी गायब हो गई क्यूँकि उस दिन मेरे पति का कोई टूर नहीं था और वो भी उस दिन जयपुर में ही थे, लेकिन मैं उससे मिलने को मरी जा रही थी तो उसे आने से मना ही नहीं किया, सोचा मैं कुछ ना कुछ जुगाड़ निकाल ही लूँगी।Ajnabi se chudai – प्यार, इश्क़ और चुदाईवो बिल्कुल सुबह वाली ट्रेन से जयपुर आ गया और मेरे घर से थोड़े ही दूर के एक होटल में रुक गया था,उसका प्लान था कि वो पहले अपने काम को निपटायेगा और फिर हम मिलेंगे।लेकिन मेरे पति के ऑफिस निकलते ही मैंने उसे एक बार कॉफ़ी केफे डे में मिलने को कहा। उस समय घर पर काम वाली बाई काम कर रही थी, उसे बेबी को थोड़ी देर के लिए संभालने के लिए कहा और घर से निकल पड़ी।वो मुझसे पहले ही वहाँ मौजूद था।दोस्तो, लिखते मुझे हुए शर्म आ रही है लेकिन उसे सामने देखते ही मेरी चूत गीली हो गई और मैं पगला सी गई, वो भी मुझे देख कर व्याकुल सा हो गया। हमने हाथ मिलाया, पूरे शरीर में झुरझुरी सी छूट गई।वो मुझे लेकर केफे में जाने लगा, मैंने उसे रोकते हुए कहा- तुम रुके कहाँ हो? क्या अपना कमरा नहीं दिखाओगे?वो बोला- वो सामने रहा !मैंने कहा- तो फिर कॉफ़ी बाद में पियेंगे।वो राज़ी हो गया और दोस्तो, हम दोनों ही इतनी फुर्ती से उसके होटल रूम में पहुँचे कि मैं बता नहीं सकती।और जैसे ही रूम में दाखिल हुए, मैं उसकी बाहों में झूल गई, उसने भी मुझे कस के पकड़ लिया जैसे और हम दोनों के ही दोनों हाथ, दोनों पैर और मुँह एक दूसरे के बदन पे रगड़ा रगड़ी, चूमाचाटी में व्यस्त हो गए, ऐसा लग रहा था कि हम दोनों एक दूसरे में अभी ही घुस जाएँ क्यूँकि उसने मुझे बहुत ही ज्यादा कस के पकड़ा हुआ था, उसने मेरे बाल कस के पकड़ कर मेरा चेहरा पीछे की तरफ खींच दिया और मेरेचेहरे ओअर चुम्बनों की बरसात सी कर दी, मेरे होंठ, मेरे गाल, मेरी नाक, मेरी ठोड़ी, कोई जगह नहीं छोड़ी उसने, और अब वो गर्दन के रास्ते नीचे की तरफ बढ़ चला और अब उसके मुँह का गीलापन मैंअपनी छातियों पर महसूस कर रही थी।Ajnabi se chudai – आखिर चुद ही गई नखरीली सालीमित्रो, आपको यह तो मालूम ही है कि तुम्हारी यह भाभी वैसे ही बहुत खुले गले के ब्लाउज पहनती है, जिसमें से मेरे गदराये हुए चूचे बाहर दीखते रहते हैं, और अभी इस राज़ की इस हरकत की वजह से मेरे उरोन इतने बाहर आ गये कि निप्पल भी दर्शायमान होने लफ़े थे ! मेरे उस बदमाश आशिक़ ने दूसरे हाथ से निप्पल को बाहर निकाल दिया, बूब्स इस समय ब्रा और ब्लाउज़ में भी फंसे थे, इस वजह से मुझे दर्द होने लगा था क्यूँकि वो बहुत ही ज्यादा तन गए थे और ऐसे फूले गुब्बारे जैसे मेरे बूब्स अब उसने अपने मुँह में भर लिए।अब जब वो इतना ज्यादा आगे बढ़ ही चुका था, तो ऐसे में आपकी यह भाभी भी कहाँ पीछे रहने वाली थी, मैंने भी उसकी शर्ट उसकी पैंट से बाहर खींच दी और अपने हाथ उसके अंदर डाल दिए। अब मेरे हाथउसकी नंगी पीठ, उसकी बालों से भरी हुई छाती पे फिसल रहे थे, मैं उस रगड़ रही थी, नोच रही थी,जहाँ मेरी चूत बिल्कुल गीली हो गई थी, वही राज़ का भी लंड बुरी तरह से तन गया था, जो मुझे अपनी जांघों में महसूस भी हो रहा था।अब मैंने उसके लंड का नाप लेने के लिए आगे के रास्ते अपना हाथ उसकी पैंट और अंडरवियर में अंदर तक घुसा दिया। उसका भी लंड का सुपाड़ा बहुत गीला हो रहा था और लंड सचमुच बहुत ही फौलादी था, क्यूँकि उसके लंड की जड़ में झांटों वाली जगह पर मेरी उंगलियाँ पहुँच गई तो उसका लंड मेरी कलाई तक आ गया यानि काफी लम्बा था, और जब मैंने उस पर अपने हाथ से ग्रिप बनाई तो मालूम पड़ा कि वो बहुत मोटा भी था, लेकिन मेरी इस हरकत ने उसे विचलित कर दिया शायद मेरे इस तरह से उसके लंड को ग्रिप बना के रगड़ने से उसे डिस्चार्ज होने का डर हुआ हो, वो फ़ौरन मुझे अलग हो गया, हमारी साँसें तेज़ हो गई थी, पूरा बदन पसीने में भीग गया था।Kamukta – प्यासी बीवी, अधेड़ पतिवो थोड़ा संयत होने के बाद बोला- शालू मेरी जानू, तुम मुझे पूरी तरह से कब मिलोगी, मैं मरा जा रहा हूँ यार, और ऐसे आधा अधूरा मिलन मुझे और पागल बना देता है।मैं फिर उससे लिपट गई और बोली- हाँ यार, तुम सच कहते हो, मैं घर जाकर कुछ जुगाड़ करती हूँ। यार मेरे पति यहीं जयपुर में हैं, वरना वो अक्सर टूर पर रहते हैं।र हम बाहर आये, कॉफ़ी पी, वो जिस काम से जयपुर आया था, वो करने चला गया और मैं रात के मिलनका जुगाड़ सोचती हुई अपने घर आ गई। और कहते हैं ना कि जहाँ चाह, वहाँ राह !ऐसा ही हुआ, घर आने के थोड़ी ही देर बाद मेरी जोधपुर वाली ननद का फोन आया कि वो जयपुर आना चाह रही है लेकिन कोई साथ ही नहीं मिल रहा, क्या करूँ?मुझे तुरंत एक आईडिया सूझा, मैंने उसे कहा- मैं ‘इन’ से बोलती हूँ, ये तुम्हें लेने आ जायेंगे, और तुम भी अपनी तरफ से उन्हें फोन कर दो।मेरी यह ननद मेरे पति की सबसे चहेती बहन है, उनसे छोटी है, मुझे उम्मीद थी कि वो उसकी बात को टाल नहीं पाएँगे और इस तरह मुझे अपने ही घर में पूरी रात का एकांत मिल जाएगा अपने राज़ के साथ !क्यूँकि होटल में मेरे अपनी बेबी के साथ जाने और पूरी रात रुकने में खतरा था और होटल वालों को शकहो सकता था और घर पर मेरे पति का फ़ोन लैंडलाइन फोन पर भी आ जाता था कभी कभी, तो यह सब घर पर ही करना सही था।और फिर मैंने जब इन्हें फोन किया तो उसके पहले ही ननद उन्हें फोन कर चुकी थी और वो जाने का मनबना चुके थे, लेकिन फिर भी मैंने झूठमूठ का गुस्सा दिखाया और कहा- क्या यार? इसका मतलब मुझे आज रात अकेले ही रहना होगा?वो मुझे समझाते रहे, मनाते रहे और उनकी रात के सफर तैयारी करने को कहा। वो शाम 7 बजे वाली ट्रेन से ही निकलने वाले थे। मैं उनके सफ़र की तैयारी में लग गई और शाम 6.30 पर जैसे ही उनकी कैब उन्हें लेकर निकली, मुझे ना जाने होने लगा।Kamukta – दारू और चूत का मजादोस्तो, मैंने जिंदगी में बहुत सेक्स किया है, नए नए लंड लिए हैं लेकिन हर बार सेक्स के पहले में इतनी ज्यादा उतावली और उत्तेजित हो जाती हूँ, न जाने मेरे साथ ऐसा क्यूँ है।मैंने राज़ को फोन लगाया और उसे जल्दी से जल्दी आने को बोला। उसने 8.30 तक आने को बोला। तब तक मैंने उसके लिए डिनर बनाने का सोचा और बेबी के लिए तैयारी की जिससे वो टाइम से सो जाए और फिर अपने आप को सजाने संवारने में लग गई।मैंने बिना बाहों वाला काला ब्लाउज़ जिसका गला काफी गहरा था, काले रंग की ही नेट वाली पारदर्शी सी साड़ी पहनी जिसे नाभि के काफी नीचे बांधा, अंदर मेरी पैंटी और ब्रा भी आज मैंने सेट वाले ही पहनी जो काले ही थी, मेरा रंग बहुत गोरा है इसलिए मुझ पर काली ड्रेस बहुत अच्छी लगती है।और अब मैं बालकॉनी में आकर अपने राजा यानि अपने राज़ का इंतज़ार करने लगी।दोस्तो, इसके आगे रात की असली कहानी अगले भाग में जरूर पढ़ना।

Comments

Popular posts from this blog

सुहागरात पर चोदन का खेल खेला

मैं घर पर बैठा हुआ था कि तभी दरवाजे की घंटी बजी जैसे ही डोर बेल बजी तो मैंने दरवाजा खोला जब मैंने दरवाजा खोला तो सामने मामाजी खड़े थे मामा जी काफी दिनों बाद घर आ रहे थे। मैंने मामाजी से पूछा कि आप इतने दिनों बाद हम लोगों से मिलने आ रहे हैं तो वह कहने लगे कि सुरजीत बेटा तुम्हें तो पता ही है कि दुकान के काम से बिलकुल भी फुर्सत नहीं मिल पाती है। मामा जी की गारमेंट शॉप है और वह अपने काम के चलते काफी व्यस्त रहते हैं मैं मामाजी के साथ बैठा हुआ था तो मामा जी मुझे कहने लगे कि सुरजीत बेटा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। मैंने उन्हें कहा मेरा काम तो अच्छा चल रहा है आप बताइए आप कैसे हैं और मुझे तो लगा था कि आप घर पर आएंगे ही नहीं। मैंने मामा जी से जब यह बात कही तो वह कहने लगे कि बेटा आखिर तुम्हें ऐसा क्यों लगा कि मैं घर नहीं आऊंगा। मैंने मामा जी को कहा कि मैं काफी दिनों से सोच रहा था कि मैं आपसे मुलाकात करूं लेकिन आप से मिलने का मुझे समय ही नहीं मिल पा रहा था और आप भी अपने काम के चलते व्यस्त रहते हैं इसलिए मैं आपसे मिलने के लिए आ नहीं पाया था। मामाजी और मैं बात कर रहे थे तो मां हम दोनों के लिए चाय ब...

प्रिया भाभी की प्यारी चूत चोदी

हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम निर्मल है और में जालंधर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है और में एक स्टूडेंट हूँ. दोस्तों आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी बताने वाला हूँ. दोस्तों मेरी यह स्टोरी हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है. दोस्तों यह बात कुछ 5-6 महीने पुरानी है. में अपनी पड़ोस वाली भाभी को बहुत चाहता था और में हमेशा उसकी गांड मारने की सोचता रहता और कभी कभी तो में अपनी भाभी को सोच सोचकर ही मुठ मार लिया करता था, क्योंकि मुझे उनको देखकर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता था और वो दिखने में बहुत सेक्सी लगती थी, दोस्तों मेरी भाभी का नाम प्रिया है और भाभी का फिगर 30-28-34 है और उनका रंग गोरा है गांड थोड़ी सी बाहर और सभी लड़के उसको देखकर एकदम दंग रह जाते थे, लेकिन हमारे पड़ोस में रहने के कारण कभी कभी भाभी हमारे घर पर आ जाती और में भी उनके घर चला जाता. भाभी की शादी को दो साल हो गये थे और उनका एक बेटा था वो हमेशा साड़ी में रहती थी, लेकिन कभी कभी वो सलवार सूट भी पहन लिया करती थी और जब प्रिया भाभी सलवार सूट पहनती तो क्या मस्त लगती? उनका गोरा गोरा बदन 32 साईज़ के बूब्स कोई भी लड़का उसको एक बार द...

शादीशुदा बहन को मस्ती से चोदा

हैल्लो डियर फ्रेंड्स.. आज में अंकित आपको अपने नये सेक्स अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ.. में इस स्टोरी में यह बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी सगी बहन को जो कि शादीशुदा है और दो छोटे बच्चो की माँ है मैंने कैसे उसकी मर्ज़ी से मस्ती के साथ उसे चोदा.. यह मेरा वादा है कि स्टोरी के आखरी तक सभी लड़के अपनी मुठ मार रहे होंगे और लड़कियां अपनी प्यारी सी चूत में उंगली कर रही होगी. अब में अपनी स्टोरी शुरु करने से पहले अपने और अपनी फेमिली के बारे में कुछ विस्तार से बता देना चाहूँगा. मेरा नाम अंकित है और में मेरी उम्र 20 साल है.. मेरे लंड का साईज़ 8.5 इंच है और में बिल्कुल भी झूठ नहीं बोल रहा.. मेरे पापा की उम्र 65 साल और मेरी मम्मी की उम्र 60 साल है. मेरी दो बड़ी बहनें है और में घर में सबसे छोटा हूँ इसलिए मुझे सबका बहुत प्यार मिलता है. मेरी एक बहन 40 साल की है और दूसरी बहन 34 साल की और मेरे सेक्स संबंध दूसरी बहन के साथ बने.. उसका नाम शिवानी है और उसका पति एक प्राइईट कम्पनी में एक बहुत अच्छी पोस्ट पर नौकरी करता है. दोस्तों जब में छोटा था तब शिवानी की शादी हुई.. मेरी उससे बहुत बनती थी और वो मुझे बहुत प...