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अकेले मिलने का तोहफा | Antarvasna

मैं अपने बिजनेस में हुए नुकसान के चलते काफी परेशान चल रहा था लेकिन मैंने अपनी परेशानी किसी को नहीं बताई थी बिजनेस में काफी नुकसान होने के बावजूद भी मैं अपने आप को संभाले हुआ था। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में मुझे करना क्या चाहिए लेकिन फिर भी मैं अपने बच्चों और अपनी पत्नी को पूरा समय देता। दिन-ब-दिन मेरी परेशानी बढ़ती जा रही थी और एक दिन जब मेरी मुलाकात मेरे भैया से हुई तो भैया मुझे कहने लगे कि रमेश तुम ठीक तो हो ना मैंने भैया से कहा हां भैया भला मुझे क्या होगा लेकिन भैया को शायद सारी बात पता चल चुकी थी। भैया ने मुझसे कहा कि तुमने मुझे बताया क्यों नहीं मैंने भैया को कहा भैया मैं आपको क्या बताता बिजनेस में इतना बड़ा नुकसान हो गया कि मैं किसी को कुछ बताना ही नहीं चाहता था। भैया मुझे कहने लगे कि देखो रमेश ऐसा होता रहता है लेकिन जिंदगी से कभी हार नहीं माना करते भैया ने मुझे हिम्मत देते हुए कहा तो मैंने भैया से कहा भैया मैं दोबारा से बिजनेस शुरू करना चाहता हूं लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है।भैया ने मुझे कहा कि तुम पैसों की बिल्कुल भी चिंता मत करो तुम्हें जितने भी पैसों की आवश्यकता है उतने मैं तुम्हें दे दूंगा। भैया एक अधिकारी हैं और उन्होंने मुझे मेरी मदद का आश्वासन दिया और मुझे कुछ पैसे भी दे दिए जिससे कि मैंने दोबारा से अपना बिजनेस शुरू कर लिया। थोड़े ही समय में मैं अपने बिजनेस में घाटे की भरपाई कर पाया अब सब कुछ ठीक चलने लगा था अब मैं अपने दोस्तों से भी मिला। काफी समय बाद जब मैं अपने दोस्तों से मिला तो दोस्तों ने कहा कि क्यों ना हम सब लोग गेट टूगेदर पार्टी रखें मैंने उनसे कहा कि ठीक है हम लोग एक गेट टूगेदर पार्टी रखते हैं। कॉलेज पूरा होने के बाद ना जाने सब लोग कहां अपने काम में बिजी हो गए थे लेकिन जब गेट टूगेदर पार्टी रखी गई तो उस वक्त सब लोगों से मेरी मुलाकात हुई और रवीना का चेहरा मेरे सामने दोबारा आया। रवीना और मेरा रिश्ता कॉलेज खत्म होने के बाद ही खत्म हो चुका था लेकिन जब रवीना को मैंने देखा तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा रवीना ने मुझसे पहले तो बात नहीं की लेकिन जब उसने मुझसे बात की तो वह मेरे हाल चाल पूछने लगी। मैंने भी उससे उसके बारे में पूछा तो रवीना मुझे कहने लगी कि मैं ठीक हूं रवीना मुझे कहने लगी कि मैं अपने पति के साथ अंबाला में रहती हूं।मैंने रवीना को कहा लेकिन इतने वर्षों बाद भी तुम बिल्कुल बदली नहीं हो लेकिन रवीना की आंखों में कहीं ना कहीं वही पुराना प्यार दिखाई दे रहा था जिसे कि वह बहुत पीछे छोड़ आई थी। मैंने रवीना को कहा देखो रवीना तुम्हें तो मालूम ही है ना कि हम लोगों ने अपना रिश्ता उसी समय खत्म कर लिया था हम लोग अब आगे बढ़ चुके हैं लेकिन मैं तुम्हें इस बारे में बताना चाहता हूं कि क्या हम लोग अपने रिश्ते को एक दोस्त की तरह शुरू कर सकते हैं। रवीना मुझे कहने लगी कि हम लोग तो एक दूसरे के दोस्त हैं ही क्या तुम्हें लगता है कि यदि हम लोगों का रिश्ता खत्म हो गया था तो क्या उसके बाद हम लोगों की दोस्ती भी खत्म हो गई यह बात अलग है कि तुमने मुझसे बात करना भी बंद कर दिया था उसके बाद तो तुम मुझसे बात भी नहीं करते थे। मैंने रवीना को कहा ठीक है रवीना अब इस बात को भूल कर हम लोग दोबारा से दोस्ती कर लेते हैं और वैसे भी इस बात को अब काफी समय हो चुका है। रवीना कहने लगी कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो वैसे भी इस बात को बहुत समय बीत चुका है रवीना मुझसे मेरे शादीशुदा जिंदगी के बारे में पूछने लगी तो मैंने उसे अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बताया और कहा मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश हूं। रवीना कहने लगी कि चलो यह तो बहुत अच्छी बात है कि तुम अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश हो मैंने रवीना को कहा मेरी पत्नी बहुत अच्छी है और वह मेरा बहुत ख्याल रखती है। हम लोगों की काफी देर तक बात हुई और हम लोगों ने उस दिन पार्टी में जमकर एंजॉय किया मैंने रवीना के साथ उस दिन डांस भी किया और इतने लंबे समय बाद रवीना को देखकर मुझे अच्छा भी लगा सब लोग अब जा चुके थे। रवीना से मैं बात करता था उससे मेरी बात कभी कबार हो जाती थी और जब उससे मेरी बात होती तो वह मुझसे अपनी हर बातें शेयर किया करती थी अब हम लोग अच्छे दोस्त बन चुके थे और सब कुछ अब पहले जैसा ही चल रहा था।मेरे जीवन में भी अब सब कुछ ठीक हो चुका था और मेरे जीवन में भी अब कोई कठिनाइयां नहीं थी मैं सारी कठिनाइयों को अपने जीवन से खत्म कर चुका था और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ कर मुझे अच्छा लगा। जिस प्रकार से मैंने अपने बिजनेस में हुए नुकसान की दोबारा से भरपाई कि उससे मुझे इस बात की तो तसल्ली थी कि कम से कम मैं भैया का पैसा तो लौटा पाया। मैं भैया का पैसा समय पर लौटा पाया था और भैया भी मुझसे मिलने के लिए अक्सर आते रहते थे। रवीना का फोन जब भी मेरे नंबर पर आता तो मुझे अच्छा लगता था मै रवीना से घंटों तक बात किया करता हम लोगों के बीच अश्लील बातें होने लगी थी हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ अश्लील बातें करते तो मुझे अच्छा लगता मुझे अपने काम के सिलसिले में अंबाला जाना था। मैंने सोचा रवीना को मिल लेता हूं मैंने रवीना को फोन किया जब रवीना मुझसे मिलने के लिए होटल में आई तो वह मेरे पास आकर बैठी। मैंने उसे कहा तुम इतनी दूर क्यों बैठी हुई हो तो रवीना कहने लगी क्या अब तुम्हारी गोद में ही बैठ जाऊं? मैंने रवीना को कहा मैंने यह तो नहीं कहा तुम गोद में बैठ जाओ लेकिन तुम मेरे पास आकर बैठ सकती हो।रवीना तो कुछ और ही चाहती थी वह मेरी गोद में आकर बैठ गई उसकी बड़ी चूतडे मेरे लंड से टकराती तो मै उत्तेजित होने लगा मैंने रवीना से कहा मै रह नहीं पाऊंगा। रवीना मेरी बात को समझ चुकी थी रवीना ने मेरे लंड को बाहर निकालकर मुंह के अंदर लेना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा मैं रवीना को कहने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। रवीना की चूत पानी छोडने लगी थी मैंने रवीना के कपड़े उतारे मै उसके गोरे बदन को महसूस कर रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और रवीना को भी बड़ा मजा आता। मैने काफी देर तक रवीना के बदन को महसूस किया जब मैंने दोबारा अपने लंड को रवीना के मुंह के अंदर डाला तो रवीना ने बडे अच्छे तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी उसे बहुत मजा आ रहा था मुझे भी मजा आ रहा था जिस प्रकार से वह मेरे लंड को अपने गले के अंदर प्रवेश करवा रही थी मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था और मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया। मैंने रवीना के दोनों पैरों को चौड़ा किया और उसकी चूत की तरफ मैंने देखा तो उसकी चूत पर हल्के भूरे रंग के बाल थे मैंने उन्हें चाटना शुरू किया मुझे अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से मैं रवीना की चूत को चाट रहा था मुझे मजा आता मैंने बहुत देर तक रवीना की चूत का रसपान किया। अब मै रवीना के स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा मेरा लंड रवीना की चूत से टकरा रहा था रवीना कहने लगी मैं रह नहीं पा रही हूं। मैंने रवीना को कहा रह तो मैं भी नहीं पा रहा हूं जानेमन थोड़ा सा सब्र रखो, सब्र का फल हमेशा मीठा होता है मैं अपने मोटे लंड को तुम्हारी चूत में डालकर तुम्हारी खुजली को मिटा दूंगा। रवीना कहने लगी ठीक है मैं समझ सकती हूं मैने रवीना के स्तनों से खून बाहर निकाल कर रख दिया था वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी मैं भी अपने आपको रोक नहीं पाया। जब मैंने रवीना को कहा तुम्हारी चूत में लंड डालना है? रवीना ने अपने पैर खोल लिए मैंने अपने लंड को रवीना की चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया मेरा मोटा लंड रवीना की चूत के अंदर प्रवेश होते ही उसके मुंह से तेज आवाज निकली मेरा 10 इंच मोटा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था वह मेरा साथ दे रही थी।रवीना के साथ सेक्स करने में मजा आ रहा था रवीना को मेरे लंड को अपनी चूत में लेने में बड़ा मजा आता वह अपने पैरों को चौड़ा कर लेती। रवीना की चूत की चिकनाई बढने लगी थी मुझे भी मज़ा आने लगा था उसकी चूत की चिकनाई मे बहुत बढ़ोतरी हो गई थी जिससे मै उत्तेजित हो गया और रवीना को कहा तुम्हारी चूत से पानी निकलने लगा है? रवीना मुझे कहने लगी रमेश तुम मेरी चूत के मजे लेते रहो मुझे तो लग रहा है मैं तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेती रहूं और तुम्हें अपना बना लूं। मैंने रवीना को कहा मैं तुम्हारा ही तो हूं यह कहते ही मैंने रवीना को अपने ऊपर आने के लिए कहा तो रवीना मेरे ऊपर आई। मैंने बड़ी तेजी से उसे धक्के देने शुरू कर दिए मै रवीना की चूतडो पर बहुत तेजी से प्रहार कर रहा था रवीना बहुत ज्यादा खुश थी मुझे बडा मजा आता काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया। जब रवीना पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई और चरम सीमा पर पहुंच गई वह कहने लगी बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने कहा रह तो मैं भी नहीं पा रहा हूं थोड़ी देर बाद जब मेरा वीर्य बाहर निकलने लगा तो मैंने रवीना को कहा लंड को अपने मुंह के अंदर ले लो? उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत देर चूसा वह मेरे लंड को तब तक अपने मुंह में लेकर चूसती रही जब तक पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था मैंने रवीना को कहा तुमने तो आज मेरी खुशी में चार चांद लगा दिए हैं। वह मुझे कहने लगी मुझे भी तो आज तुम्हारे साथ मजा आया यह कहते ही मैंने अपने वीर्य को उसके मुंह के अंदर गिरा दिया रवीना को बड़ा अच्छा लगा वह खुश होकर मुझे कहने लगी इतने लंबे समय बाद तुमसे मुलाकात हुई और तुमने इस प्रकार से मुझे मुलाकात का गिफ्ट दिया। मैंने उसे कहा लेकिन तुमने भी तो आज मुझे बड़ा सुंदर गिफ्ट दिया है मैं बहुत ज्यादा खुश हूं मुझे उम्मीद है तुम आगे भी ऐसे ही मुझसे मिलने आती रहोगी? वह कहने लगी हां मैं तुमसे आगे भी ऐसे ही मिलने के लिए आती रहूंगी।

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