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बहन के पति ने तोड़ी मेरी चूत की सील

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अर्पिता है | मैं बहुत समय से हिंदी सेक्स कहानियां पर कहानियां पढ़ती आ रही हूँ | मैं अभी तक बहुत कहानी पढ़ चुकी हूँ और उन कहानी को पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आया है | मैं अभी तक इनती कहानी पढ़ चुकी हूँ की मेरे मन में भी अपनी कहानी लिखने की आशा हो गयी | दोस्तों पर मेरे साथ अभी तक कोई भी घटना नही हुई थी जो मैं आप लोगो के सामने प्रस्तुत करती | तब मैंने अपने जीजा के साथ अपने पहले सेक्स का अनुभव किया और आप लोगो के सामने आ गयी | दोस्तों इस घटना को तो 1 महिना हो गया है पर मेरे पास टाइम नही था जो मैं आप लोगो के सामने पेश करती | मुझे आज टाइम मिला है तो मैं अपनी कहानी को आप लोगो के सामने पेश करने जा रही हूँ | मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बताना चाहती हूँ | मैं रहने वाली अमृतसर की हूँ | मैं दिखने में बहुत ही हॉट लड़की हूँ और गोरी तो दूध से भी ज्यादा हूँ | दोस्तों मैं इतनी सेक्सी लगती हूँ की बूढ़े जवान लड़के आदमी मुझे देख कर अपने लंड को खड़ा कर ले और बुधो की तो जवानी वापस आ जाये | मैं किसी के हाथ नही लगी थी क्यूंकि मैं किसी और से नही चोदना पसंद करती हूँ | मेरा फिगर तो बहुत सेक्सी हैं और मेरे बूब्स काफी बड़े हैं जो ऊपर की और उठे रहते हैं | मेरी गांड भी बहुत सेक्सी है और मेरी गांड को देख कर सबकी नियत ख़राब हो जाती हैं |ये कहानी उस टाइम की है जब मैं अपने जीजा के घर गयी हुई थी और मेरी दीदी उस दिन दवाई लेने के लिए बाहर गयी हुई थी | दोस्तों जब जीजा जी मेरे घर पहली बार दीदी को देखने आये थे तो वो मुझे बहुत अच्छे लगे थे | वो दिखने में बहुत सुन्दर थे और उनकी बॉडी भी ठीक ठाक हैं | मैं उस दिन ही जीजा से अपनी चुदाई कराने के बारे में सोच लिया था | मुझे जीजा जी बहुत ही अच्छे लगे थे | फिर वो सब लोग दीदी को देखने के बाद चले गए और जब सब लोग चले गए तो मेरी बड़ी बहन ने मुझसे पूछा की कैसे थे | मैंने भी कह दिया दीदी हीरो थे और अगर तुम्हे न पसंद हो तो मैं कर लेती हूँ | वो बोली चल तो भी ऐसे ही बोलती रहती हैं | उसके कुछ दिन बात मेरी दीदी के शादी फिक्स हो गयी और उसके कुछ दिन बाद जब शादी के दिन मैंने जीजा को देखा तो मुझे वो और भी अच्छे लगे थे | उस दिन जब रात की सारी रस्मे पूरी हो गयी और फिर धीरे धीरे रात भी निकल गयी और सुबह हो गयी | तब मैं जीजा जी को नाश्ता कर रही थी तो वो मुझे बहुत ही घुर घुर कर देखने लगे तो मैंने भी कह दिया मुझे न देखो जीजा जी अब तो आप को मेरी बहन को ही देखना है | वो बोले उसे क्यूँ देहज में तुम्हे भी ले चलता हूँ | दोस्तों उनके ये कहना था की मैंने भी उनका हाथ पकड लिए और कहा तो चलो अभी चले तो उनके पास बैठे उनके दोस्त ने जीजा जी से कहा तुम्हारी साली तो बहुत तेज हैं | फिर मैं उनको नाश्ता करने के बात चली आई और फिर कुछ ही घंटो में सब लोग दीदी को बिदा करने लगे |फिर उसके कुछ देर बाद मेरे घर में सब काम ख़त्म हो गया | उसके कुछ दिन महीनो बाद मेरे जीजा जी मेरे घर मुझे लेने के लिए आये | वो मेरे घर इससे पहले भी आये थे पर उस दिन वो मुझे लेने के लिए आये थे और उस टाइम मेरी दीदी बीमार थी | जब वो मुझे लेने आये तो मैं बहुत खुश थी और तैयार हुई | फिर उसके कुछ देर बाद जीजू ने मुझे अपनी कार में अपने पास बैठाया और कार लेकर चला दिये | जीजू का घर काफी दूर था और वो मुझसे बाते करने के वजह म्यूजिक चला दिया | मैं भी किसी भी बात को कहने से सरमती नही थी तो मैंने भी कह दिया |मैं – क्या जीजू तुम्हारे पास इतनी हॉट लड़की बैठी है और तुम म्यूजिक चला रहे हो |जीजा – ओह्ह्ह मुझे नही पता था की तुम अब बड़ी हो गयी हो और हॉट भी तो क्या करूँ तुम ही बता दो |मैं – क्या जीजू मुझसे बात करो और क्या करोगे |जीजा – मैं तुम्हसे बात क्या करूँ |मैं – जीजू तुम्हारी पहले कोई गर्लफ्रेंड थी ?जीजा – हाँ थी |मैं – तो आपने शादी से पहले सेक्स भी किया होगा ?वो – हाँ किया था बहुत बार |दोस्तों मैं उनसे जब ये बाते करने लगी तो वो मेरी तरफ देख कर बोले तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है | मैंने कहा अगर मेरा कोई बॉयफ्रेंड होता तो मैं तुम से क्यूँ बात करने को कहती | वो मेरे कहने का मतलब समझ रहे थे और मैंने उन्हें अपने जाल में फ़ांस रही थी | मैंने उसने ऐसे ही कुछ देर तक बाते करती रही और फिर वो मुझसे सेक्सी बाते करने लगे | उनका लंड खड़ा हो गया था और वो मेरे इरादे समझ गए थे तो वो कार को चलते हुए मेरी जांघों को सहलाने लगे | जब वो मेरी जांघो को सहलाने लगे तो मेरी सांसे तेज हो गयी | वो मेरे साथ ऐसे ही कर रहे थे और फिर एक हाथ को मेरे बूब्स पर रख दिया | जब वो अपने हाथ को मेरे बूब्स पर रख दिया तो मैंने कुछ नही कहा तो वो समझ गए की मैं चुदना चाहती हूँ | तब वो कार को किनारे लगा दिए और मेरी होठो पर किस कर दिया | फिर वो मेरे गोल और चिकने बूब्स को पकड कर दबा दिया | दोस्तों जब वो मेरे साथ ऐसा कर रहे थे तो मेरी चूत गीली हो गयी थी पर मैं अपने आप पर कंट्रोल करती हुई बोली पहले घर चलो | तब वो मेरी होठो पर एक किस करके बोले ठीक है जैसा आप कहो | फिर हम कुछ देर बाद घर पहुच गए | उसके 3 दिन बाद की बात है जब दीदी की दवाई लेने जाना था तो जीजा ने अपने भाई से कहा की दवाई दिला लाओ मुझे आज कुछ काम है जिसकी वजह से मैं नही जा सकता हूँ | उस दिन जीजा की कार लेकर वो दीदी को दवाई लेने चला गया और उस दिन मैं और जीजू घर में अकेले थे |फिर जीजू टाइम का फायदा उठाते हुए मेरे पास आकर बैठ गए | वो मेरे पास बैठ कर मेरी जांघों को सहलाने लगे और धीरे धीरे अपने हाथ को ऊपर बढ़ाते हुए ज्यादा ही ऊपर बढ़ गए | दोस्तों मैं भी अपनी चोदाई करने के लिए बेकरार थी और मैंने आज तक चुदाई का मज़ा नही लिया था | वो इस तरह से धीरे धीरे बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने लगे | वो मेरे बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने हुए मेरे ती शार्ट को नीचे खिसका दिया | जिससे मैं मेरे बड़े और चिकने बूब्स उनके सामने आ गए | वो मेरे बूब्स को देखकर उतावले हो गए और मेरे बूब्स को मुंह में रख कर चूसने लगे | दोस्त जब वो मेरे बूब्स को चूसने लगे तो मेरे मुंह से अह अह अह निकल गयी | वो कुछ देर में मुझे एकदम बिना कपड़ो के कर दिया और वो मुझे बिना कपड़ो में देख कर मज़े लेते हुए मेरे बूब्स के निप्पल को अपनी होठो से पकड कर खीच रहे थे | मैं जोर जोर से अन्हे भरती हुई लेती थी | वो मेरे दोनों बूब्स को ऐसे ही एक एक करके चूस रहे थे और साथ में मेरी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगे | मैं जोर जोर से अन्हे भरती हुई मज़े ले रही थी | फिर जीजू ने अपने कपडे निकाल दिए और मेरे सामने बिना कपड़ो के आ गए | वो अपने लंड को हाथ में पकड कर हिलाते हुए मेरी चूत में थूक लगा कर मेरी चूत में लंड को थोडा घुसा दिया | जब मेरी चूत में थोडा घुसा तो मुझे बहुत अच्छा लगा और जीजू ने जैसे ही एक धक्का मार तो उनका लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए अन्दर चला गया | मेरे मुंह से जोरदार चीख निकल गयी और मेरी चूत से खून निकलने लगा | दोस्तों उस टाइम मुझे ऐसा लगा की मैं अब मर जाउंगी | मैं दर्द की वजह से और कुछ भी नही बोल आई | फिर कुछ देर बाद मेरा दर्द कम हुआ और मैं मज़े लेती हुई चुदने लगी | अब वो जिनते ही जोर से मेरी चूत में धक्के मारते मैं उनके ही मज़े लती हुई चुदती | जीजू के हर धक्के का मज़ा और ही होता और मैं आ आ आ आ…. सी सी सी सी….. ऊ ऊ ऊ ऊ…. अ अ अ अ…. की सिसकियाँ लेती हुई चुद रही थी | जीजू मेरी चूत में जोरदार धक्को के साथ अन्दर बहर करते हुए चोद रहे थे और मैं उनके हर एक धक्के का मज़ा लेती हुई चुद रही थी | वो मेरी चूत में जितने जोर से धक्के मारते मेरे बूब्स उनते ही जोर से हिलते | मुझे अब चुदाई का पूरा मज़ा मिल रहा था की मुझे ऐसा लगा की मेरी चूत से कुछ बाहर आने वाला है | फिर मैंने जीजू को धक्का देकर पीछे हटा दिया और मेरी चूत से पानी की एक धार निकल पड़ी | जब वो पानी की धार निकल रही थी तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और फिर मेरा जिस्म अकड गया और अब मुझे चुदने का मन नही हो रहा था | पर जीजू अभी मुझे चोदने के लिए मेरी तंग को पकड कर अपनी और खीच लिए | फिर जोरदार धक्को के साथ अन्दर बहर करते हुए मुझे चोदने लगे और फिर उनके लंड ने मेरी चूत के ऊपर सारा माल निकाल दिया |फिर जीजू ने अपने कपडे पहन लिए और मैंने अपने कपडे पहन लिए | दोस्तों मुझे जीजू ने उस दिन पहली चुदाई का मज़ा दिया था | ये थी मेरी कहानी धन्यवाद……….

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